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संसद की खाली कुर्सियाँ लोकतंत्र के लिए फिर से खतरा बन सकती हैं? समीक्षा बाँस्कोटा की चिंता

समीक्षात्मक रूप से संपादित समाचार संक्षेप। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सांसद समीक्षा बाँस्कोटा ने संसद की खाली कुर्सियों से लोकतंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि परिवर्तन चाहने वाले आंदोलनों के कारण वर्तमान स्थिति बनी है, इसलिए जनादेश के अनुसार आगे बढ़ना बहुत जरूरी है।

२५ चैत, काठमाडौँ। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) की सांसद समीक्षा बाँस्कोटा ने संसद की पुरानी पार्टी लहर से उत्पन्न खाली “रो” से लोकतंत्र पर प्रभाव पड़ने की संभावना के प्रति सचेत रहने पर ज़ोर दिया। बुधवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में उन्होंने कहा कि संसद में मौजूद खाली कुर्सियाँ लोकतंत्र पर फिर आघात डालने का संकेत हो सकती हैं।

“आज जिन सामने की पंक्तियों में खाली कुर्सियाँ देखता हूँ तो कहीं यह सम्मानित संसद भवन और लोकतंत्र पर फिर से हमला तो नहीं किया जाएगा, ऐसा डर लगता है। कहीं हम खुद लोकतंत्र को प्रभावित करना शुरू तो नहीं कर रहे,” उन्होंने कहा। विभिन्न परिवर्तन चाहने वाले आंदोलनों के प्रभाव से बनी वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनादेश के अनुरूप आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने देश के पिछड़े इलाकों को प्राथमिकता देते हुए विकास की नीति अपनाने पर ज़ोर दिया। कर्णाली राजमार्ग के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि कर्णाली के लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार को अधिक ध्यान देना चाहिए।