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शैक्षिक संस्थानों में दुर्व्यवहार और शोषण होने पर सीधे मंत्रालय में शिकायत करें

शैक्षिक संस्थानों में होने वाले दुर्व्यवहार और शोषण के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक विशेष प्रावधान शुरू किया है। शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने इस संदर्भ में «शून्य सहनशीलता» नीति लागू किए जाने की सूचना दी है। मंत्री पोखरेल ने पीड़ित या जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का आश्वासन दिया और शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया। २५ चैत्र, काठमांडू। शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शैक्षिक संस्थानों में होने वाले दुर्व्यवहार और शोषण की घटनाओं में दोषियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई व्यवस्था लागू कर दी है। शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल के अनुसार, शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार और शोषण के प्रति «शून्य सहनशीलता» नीति अपनाते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। «विद्यार्थियों को भुगतनी पड़ने वाली किसी भी प्रकार की उत्पीड़न या दुर्व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उन शिकायतों को सीधे तौर पर सुनने तथा तत्काल कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने के लिए यह विशेष प्रावधान बनाया गया है,» मंत्री पोखरेल ने कहा। पीड़ित या जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मंत्री पोखरेल ने शिकायत दर्ज कराने का अनुरोध किया। «सरकार द्वारा सुरक्षित शैक्षिक वातावरण के निर्माण हेतु चलाए जा रहे इस अभियान में आपकी सक्रिय भागीदारी और सहयोग की अपेक्षा है,» उन्होंने कहा।