Skip to main content

भूमि व्यवस्था सचिव भुजेल ने सहकारी पीड़ितों के लिए कोष स्थापना की आवश्यकता जताई

भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मन्त्रालय के सचिव मदन भुजेल ने सहकारी पीड़ितों की बचत राशि वापस करने के लिए संघ, प्रदेश और स्थानीय स्तर पर कोष स्थापित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कोष की स्थापना कर छोटे सहकारी बचतकर्ताओं की राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, वहीं प्रदेश और स्थानीय सरकारों को भी अपने बजट से इसी तरह के कोष स्थापित करने चाहिए।

सचिव भुजेल ने सहकारी क्षेत्र में उत्पन्न समस्या को गंभीर बताया और कहा कि इसे केवल संघीय सरकार अकेले हल नहीं कर सकती। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम केंद्र में कोष स्थापित कर सहकारी सदस्यों की राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। यदि हमारी कार्यप्रणाली उपयुक्त साबित होती है तो प्रदेश और स्थानीय सरकारों को भी इसे अपनाना चाहिए।” इसके अलावा, आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में संघीय सरकार इस कोष में और अधिक राशि शामिल करने की तैयारी कर रही है।

सचिव भुजेल ने कहा कि सहकारी पीड़ितों को राशि वितरण के लिए कार्यप्रणाली बनाई गई है और प्रदेश तथा स्थानीय तह भी इसी तरह की कार्यप्रणाली विकसित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी समस्या राष्ट्रीय मुद्दा है और इसे विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में सचिव भुजेल ने यह भी बताया कि मालपोत और नापी से जुड़ी सेवाएं आगामी वर्ष से स्थानीय तह द्वारा ही शुरू की जाएंगी।