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गोकुल बास्कोटाद्वारा संविधान संशोधन के सुझाव: प्रदेश व जसस खारिज करने तथा उपराष्ट्रपति को राष्ट्रीय सभा का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव

२४ वैशाख, काठमाडौं। नेकपा एमाले के गोकुलप्रसाद बास्कोटा ने संविधान संशोधन के विषय में प्रदेश संरचना और जिला समन्वय समिति (जसस) को खारिज करने का सुझाव दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय सभा को पूरी तरह समावेशी बनाने और प्रतिनिधि सभा से समानुपातिक सीटों को हटाने के भी सुझाव दिए हैं। साथ ही, उपराष्ट्रपति को राष्ट्रीय सभा का अध्यक्ष बनाने के विषय में भी सकारात्मक विचार व्यक्त किए हैं।

पूर्वमंत्री बास्कोटा ने आज सामाजिक नेटवर्क फेसबुक पर ये सुझाव सार्वजनिक किए। उन्होंने सरकार के नेतृत्व करने वाली पार्टी रास्वपा द्वारा संघीयता को खारिज करने की बात उठाए जाने को याद करते हुए पूछा, “अब संविधान संशोधन किया जाए या नहीं?” उन्होंने कहा, “यदि करना है तो केवल केन्द्रीय और स्थानीय स्तर पर किया जाए।”

उन्होंने राष्ट्रीय सभा में १०५ सीटें बनाने और महिलाओं तथा पुरुषों की ५०-५० प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है। बास्कोटा ने आगे लिखा है, “राष्ट्रीय सभा १०५ सीटें, पूरी समावेशी, महिला पुरुष ५०-५० प्रतिशत, उपराष्ट्रपति ही सभाध्यक्ष बनने की व्यवस्था हो।” उन्होंने प्रतिनिधि सभा से समानुपातिक सीटें हटाने और महिलाओं व पुरुषों के ४०-६० प्रतिशत प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व के पक्ष में अपनी धारणा प्रकट की है।