
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार।
- नेपाली कांग्रेस १ वैशाख से ‘एक महीने की जड़ों में पानी डालो अभियान’ आरंभ करने जा रही है, जिसमें वह ७७ जिलों में सदस्यता अद्यतन करेगी।
- महामंत्री प्रदीप पौडेल ने सभी सक्रिय सदस्यों को स्थानीय वार्ड जाकर सदस्यता नवीनीकरण करना अनिवार्य बताया है तथा ‘कांग्रेस आईडी’ को जरूरी बताया है।
- अभियान के अंतर्गत पार्टी डिजिटल सदस्यता प्रणाली लागू करेगी जिसमें फोन नंबर और फोटो जमा करना भी अनिवार्य होगा, और सदस्यता नवीनीकरण की शुरुआत सभापति थापाद्वारा की जाएगी।
२६ चैत्र, काठमांडू। २१ फागुन को सम्पन्न प्रतिनिधि सभा चुनाव में अप्रत्याशित हार झेलने वाली नेपाली कांग्रेस वर्तमान में आंतरिक विवादों में घिरी हुई है।
गए २३ और २४ भदौ को शुरू हुए जनज्यान आंदोलन के बाद राजनीतिक स्थिति में, पुस महीने के अंत में आयोजित विशेष महाधिवेशन ने आंतरिक गुटबंदी को बढ़ावा दिया जिससे कांग्रेस की जड़ें कमजोर हुईं। प्रतिनिधि सभा में मुख्य विपक्षी दल रही कांग्रेस की शाखें हरी-भरी दिखती हैं लेकिन जड़ें सूखी हुई और पानी से वंचित प्रतीत होती हैं।
आंतरिक विवादों के बीच १५वें महाधिवेशन की तैयारी कर रही कांग्रेस ने इस स्थिति को स्वीकार किया है और पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘एक महिने जरामा जाऔं अभियान’ को मुख्य रणनीति बनाया है।
‘हमारी पार्टी का चुनाव चिह्न वृक्ष है, इसलिए जड़ा शब्द हमारे लिए स्वाभाविक है,’ महामंत्री प्रदीप पौडेल ने इस अभियान के बारे में कहा, ‘वृक्ष अभी थोड़ा उजाड़ है, पत्ते झड़ चुके हैं, जैसे नग्न हो गया हो। इसलिए जड़ों में खाद डालने, पानी देने और वृक्ष को हरा-भरा बनाने के लिए यह अभियान चलाने जा रहे हैं।’
सदस्यता नवीनीकरण के लिए भौतिक उपस्थिति आवश्यक
कांग्रेस ने ७७ जिलों में केन्द्रीय प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर सीधे काम करने का निर्देश दिया गया है। १ वैशाख से शुरू होने वाले इस एक महीने के अभियान में हिस्सा लेने वाले प्रतिनिधियों को अभिमुखीकरण कार्यक्रम भी दिया गया है।
‘७७ जिलों में प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं और उन कार्यों के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) तैयार हो चुके हैं,’ महामंत्री पौडेल ने बताया, ‘निर्देशिका भी पारित की जा चुकी है।’
केन्द्रीय प्रतिनिधि उस निर्देशिका के अनुसार अपना कार्य करेंगे। पौडेल के अनुसार इस अभियान के जरिए कांग्रेस डिजिटल ‘कांग्रेस आईडी’ को अनिवार्य करेगी, सक्रिय सदस्यों को स्थानीय वार्ड में जाकर सदस्यता नवीनीकरण करना होगा, नए सदस्यों को जोड़ा जाएगा और नागरिकों के साथ संवाद किया जाएगा।

‘यह अभियान सभी सदस्यों को उनके रहने वाले स्थान पर जाकर सदस्यता नवीनीकरण करने का आग्रह करता है,’ पौडेल ने कहा। उन्होंने १४वें महाधिवेशन के सक्रिय सदस्य (जिन्हें दंडित नहीं किया गया है) को सदस्यता नवीनीकरण करने की अनुमति दी जाने की भी जानकारी दी।
‘विधान अनुसार दंडित न किए गए पुराने सदस्य सक्रिय सदस्यता नवीनीकरण कर सकते हैं,’ उन्होंने कहा, ‘कुछ को इस प्रक्रिया को ना अपनाने की अनुमति भी है।’
पार्टी ने सदस्यता नवीनीकरण प्रक्रिया के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाया है। ‘नवीनीकरण के लिए सदस्य को अपने स्थानीय वार्ड जाना आवश्यक होगा और सदस्यता नवीनीकरण की इच्छा जाहिर करनी होगी,’ पौडेल ने बताया, ‘फिर सदस्य ओटीपी नंबर प्राप्त करेंगे और उसी नंबर के आधार पर सदस्यता अपडेट होगी।’
सदस्यता अपडेट करने वाले सभी को ‘कांग्रेस आईडी’ प्राप्त होगी
कांग्रेस पुरानी सक्रिय सदस्यों की सदस्यता नवीनीकरण के लिए फार्म भरवाने, फोटो खींचने की व्यवस्था कर रही है। सभी सक्रिय सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने हेतु फार्म भरना और फोटो आवश्यक होगा।
१४वें महाधिवेशन में शामिल ८ लाख ६६ हजार सक्रिय सदस्यों में से लगभग एक लाख के पास कांग्रेस के पास फोन नंबर नहीं है, वहीं २५-३० हजार सदस्यों का फोटो भी उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस सदस्यता के बीच संपर्क, पार्टी संरचना के समन्वय और सूचनाओं के लिए फोन नंबर संग्रहण को अनिवार्य बनाएगी।
‘नेपाली कांग्रेस को डिजिटल बनाने के लिए सभी सदस्यों के फोन नंबर जरूरी हैं और सदस्यों की पहचान सही ढंग से दिखाने के लिए फोटो भी जरूरी है,’ महामंत्री पौडेल ने कहा, ‘पार्टी ने अपने सदस्यों के विवरण अपडेट करने की जिम्मेदारी ली है।’
सक्रिय सदस्यता नवीनीकरण के बाद पार्टी सदस्य को ओटीपी नंबर भेजेगी और उसी के आधार पर ‘कांग्रेस आईडी’ जारी की जाएगी।
‘फार्म में दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा और उससे कांग्रेस आईडी मिलेगी,’ पौडेल ने कहा, ‘सिर्फ कांग्रेस आईडी वाले सदस्य ही सक्रिय माने जाएंगे और वार्ड स्तर की अधिवेशन में भाग ले सकेंगे।’
सक्रिय सदस्य द्वारा मतदान न करने की चुनौती
कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबंदी और अन्तर्घात प्रवृत्ति पार्टी को कमजोर कर रही है। चुनाव में दिखा यह अन्तरघात पार्टी की संरचनात्मक समस्या दर्शाता है।
हालिया प्रतिनिधि सभा चुनाव में कई क्षेत्रों में सक्रिय सदस्यों ने भी मतदान नहीं किया, जिससे पार्टी में सदस्यता की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, पार्टी के उम्मीदवारों ने १७ निर्वाचन क्षेत्रों में सक्रिय सदस्यों से कम वोट प्राप्त किए, जो कांग्रेस के लिए चुनौती है।
‘सदस्यों को यह समझाने की ज़रूरत है कि वे पार्टी सदस्य होने के बजाय सामाजिक छवि क्यों बनाना चाहते हैं और उम्मीदवार को वोट क्यों नहीं देते, इस पर समीक्षा जरूरी है,’ महामंत्री पौडेल ने कहा।
पार्टी की दृष्टि निर्माण में सदस्य सक्रिय होने अनिवार्य
कांग्रेस पार्टी की दिशा-निर्देश बनाने में सक्रिय सदस्यों की भागीदारी पर जोर दे रही है और पार्टी को डिजिटल बनाने का प्रयास कर रही है, जिससे सदस्य सुझाव देने में सक्षम होंगे।
‘हम प्राइमरी चुनाव के माध्यम से उम्मीदवार चुनने की योजना बना रहे हैं जो सदस्यों की जिम्मेदारी बढ़ाएगी,’ महामंत्री पौडेल ने कहा, ‘इसलिए सक्रिय सदस्यता नवीनीकरण योजना है।’
कांग्रेस नए सदस्यता वितरण और डिजिटल सदस्यता प्रणाली के निर्माण की तैयारी भी कर रही है।
‘केन्द्रीय प्रतिनिधियों को जिला और वार्ड स्तर पर इसकी जानकारी दे दी गई है,’ पौडेल ने बताया, ‘पार्टी संरचना में तकनीकी सहयोगी भी शामिल होंगे, और काम आगे बढ़ेगा।’
कांग्रेस ने १ वैशाख से शुरू हो रहे ‘एक महीने की जड़ों में पानी डालो अभियान’ में सदस्यता नवीनीकरण के लिए ओटीपी नंबर लेने और फोटो अनिवार्य करने की घोषणा की है।
सभापति थापा द्वारा सदस्यता नवीनीकरण की शुरुआत
सक्रिय सदस्यता नवीनीकरण का शुभारंभ सभापति गगनकुमार थापाद्वारा किया जाएगा। वह पहले दिन १ वैशाख को अपने निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड जाकर सदस्यता नवीनीकरण करेंगे।
सभापति थापा के मुताबिक, वे काठमांडू महानगरपालिका-२९ से सक्रिय सदस्य हैं। पदाधिकारी, पूर्व पदाधिकारी और केन्द्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी वैशाख के अंदर अपने स्थानीय वार्ड जाकर सदस्यता नवीनीकरण करेंगे।

‘वैशाख के भीतर सभी स्तर के पार्टी सदस्य को अपने वार्ड जाकर सदस्यता नवीनीकरण करना होगा,’ २१ चैत्र को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘सदस्यता नवीनीकरण करने वाले ही कांग्रेस आईडी प्राप्त करेंगे और १५वें महाधिवेशन में भाग ले सकेंगे।’
अभियान के अन्य संगठनात्मक पहलू
कांग्रेस ने अभियान के दौरान सदस्यता नवीनीकरण के साथ-साथ पार्टी के संगठनात्मक गतिविधि, जनता और युवाओं से संवाद तथा बाह्य शुभेच्छुओं के साथ निर्वाचन समीक्षा कार्यक्रम भी करने का प्रस्ताव रखा है।
केन्द्रीय प्रतिनिधियों को जिला से लेकर वार्ड स्तर तक पार्टी और भ्रातृ संगठनों की गतिविधियों का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
‘प्रतिनिधियों को पार्टी के विभिन्न स्तरों की बैठकें नियमित हैं या नहीं और भ्रातृ संगठन की स्थिति की जानकारी रिपोर्ट में देनी होगी,’ पौडेल ने कहा।
प्रतिनिधियों को नागरिकों के साथ निर्वाचन समीक्षा करने का कार्य भी सौंपा गया है, जिससे पार्टी आंतरिक सदस्यों के साथ अलग-अलग तरीके से जनता से संवाद कर सकेगी।
‘किसी जिले में बुद्धिजीवियों, पेशेवरों और युवाओं से जाकर कांग्रेस कमजोर क्यों हुई, पार्टी को कैसे सशक्त बनाया जाए, यह सुझाव लेने का कार्य होगा,’ पौडेल ने बताया।
हालांकि पूर्व में बुद्धिजीवी और पेशेवरों का विश्वास था, इस बार वैसा प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
पार्टी को सामाजिक गतिविधियों में जोड़ने की योजना
कांग्रेस सामाजिक और रचनात्मक अभियान चलाकर स्थानीय सरकारों के साथ समन्वय करेगी और आगामी बजट में सुझाव देगी।
महामंत्री पौडेल के अनुसार केन्द्रीय प्रतिनिधियों को पार्टी और स्थानीय सरकार के बीच समन्वय करने की जिम्मेदारी दी गई है।
‘यह स्थानीय सरकार का अंतिम बजट है, और इसे नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए सहजीकरण करना भी टर्म्स ऑफ रेफरेंस में है,’ उन्होंने कहा।
पार्टी संगठन को सामाजिक अभियान में संलग्न करने के लिए अभियान के दौरान जिलों से लेकर वार्ड समितियों को वार्षिक कैलेंडर बनाने के लिए कहा जाएगा।
‘जलवायु, सामाजिक असमानता, अनौपचारिक क्षेत्र के कामगार, विदेश लौटे युवाओं के संवाद, नशे के खिलाफ युवा अभियान, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण जैसे सामाजिक अभियानों का संचालन वार्ड स्तर से होगा,’ योजना में कहा गया है।

कार्यक्रम के अनुसार जिला और क्षेत्रीय सभापतियों से परामर्श कर सदस्य को अभियान के बारे में जानकारी देने और प्रत्येक वार्ड में प्रतिनिधि नियुक्त करने की जिम्मेदारी तय की गई है।
नए प्रतिनिधि नियुक्त करते समय महाधिवेशन प्रतिनिधि और महासमिति सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा।
नेपाली कांग्रेस नेपाल की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक और समाजवादी पार्टी है। इसकी स्थापना २००६ साल में नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस और नेपाल प्रजातन्त्र कांग्रेस के विलय के बाद हुई।
राणाशासन के खिलाफ संघर्ष से जन्मी कांग्रेस ने २००७ साल की क्रांति में निर्णायक भूमिका निभाई। २०१५ साल के पहले आम चुनाव में ‘रुख’ चिह्न लेकर बहुमत पाने के बाद कांग्रेस ने बीपी कोइराला के नेतृत्व में पहली जन-संचालित सरकार बनाई।
पंचायत काल में लगातार लोकतंत्र के लिए संघर्ष करते हुए कांग्रेस ने २०३६ के विद्यार्थी आन्दोलन, २०४६ के जन आन्दोलन और २०६२/६३ के दूसरे जन आन्दोलन में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई।
लोकतांत्रिक आंदोलनों के केंद्र में रही कांग्रेस खुद को केवल राजनीतिक दल नहीं बल्कि लोकतंत्र, नागरिक स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की समर्थक मानती है। बीपी कोइराला और गणेशमान सिंह जैसे ऐतिहासिक नेताओं ने इसे बनाया, और समय-समय पर संकट, विभाजन और पुनर्जागरण सहा है।





