
२८ चैत, काठमांडू। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी भान्स इरान के साथ शांति वार्ता करने अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल के नेतृत्व में पाकिस्तान आने वाले हैं। इस प्रतिनिधि मंडल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के जेरेड कुशनर भी शामिल हैं, जो ट्रम्प के पहले कार्यकाल में सलाहकार थे। साथ ही, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकफ भी इस दल का हिस्सा हैं। जेरेड और स्टीव ने पहले भी इजरायल–गाजा युद्ध के अंत हेतु युद्धविराम वार्ता और रूस–यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए हुई वार्ताओं में भाग लिया था।
अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल सवार विमान ‘एयर फोर्स टू’ का फ्रांस की राजधानी पेरिस में पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ईंधन भरवाने के लिए ठहराव हुआ। पाकिस्तान उड़ान से पहले उपराष्ट्रपति भान्स ने पत्रकारों से कहा, ‘यदि ईरानी सद्भावपूर्वक वार्ता के इच्छुक हैं तो हम भी खुले दिल से सहयोग करने को तैयार हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी वार्ता दल को ‘कुछ स्पष्ट दिशानिर्देश’ दिए हैं।
उपराष्ट्रपति भान्स ने ईरान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, ‘यदि हमें बेवकूफ बनाने का प्रयास किया गया तो ईरान को समझना होगा कि अमेरिकी वार्ता दल आसान नहीं है।’ इससे पूर्व, इस्टर पर्व के अवसर पर व्हाइट हाउस में आयोजित भोज में राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान युद्ध समाप्ति समझौते में भान्स की भूमिका पर उठी अटकलों का जवाब दिया था। ट्रम्प के संबोधन से स्पष्ट हुआ कि पाकिस्तान में ईरान के साथ वार्ता अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल के नेतृत्व की जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति भान्स ही संभालेंगे।
यह उपराष्ट्रपति के तौर पर उनकी सबसे चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है, जहां सफलता सीमित रह सकती है और अगर वार्ता असफल हुई तो उन्हें बहुत कुछ खोना पड़ सकता है। इस्लामाबाद में जारी भान्स के कूटनीतिक दौर को राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। युद्ध को समाप्त करने के लिए स्थायी समझौते की दिशा में प्रगति हेतु उन्हें छह सप्ताह से जारी सैन्य कार्रवाई के कारण एक-दूसरे पर अविश्वास रखने वाले पक्षों को संतुष्ट करना होगा। ईरान के संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकीर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ वार्ता के लिए पहुंच चुके हैं।





