
नेकपा नेता वर्षमान पुन ने काले धन को वैध बनाने की प्रक्रिया को अपराध बताते हुए इसे रोकने के लिए सरकार की नियमित जिम्मेदारी होने पर जोर दिया है। उन्होंने २०४८ साल के बाद सार्वजनिक पदों पर रहे सभी उच्चस्तरीय व्यक्तियों की संपत्ति की जांच के लिए उच्चस्तरीय आयोग बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। २८ चैत्र, काठमाडौं।
नेता पुन ने शनिवार को पार्टी केन्द्रीय कार्यालय पेरिसडाँडा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, “मैं स्वयं अर्थमंत्री रहते हुए कानून बनवा चुका हूँ, काले धन को वैध बनाना अवैध है, मनी लांड्रिंग की अनुमति नहीं है। सरकार ने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया तैयार कर ली है।” उन्होंने कहा कि संपत्ति नियंत्रण और नियमन के लिए एक विभाग मौजूद है और इसका क्रियान्वयन सरकार का नियमित कार्य है, इसलिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा, “संपत्ति की जांच के बाद हमें २०४८ साल के बाद सार्वजनिक जीवन में रहे सभी उच्चस्तरीय व्यक्तियों की संपत्ति की छानबीन करनी चाहिए। आरोप लगाने से पहले यह जानना आवश्यक है कि कौन व्यक्ति है और कौन काले धन को सफेद बना रहा है। इसलिए यह छानबीन अनिवार्य है।”





