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भारतीय संसद में महिला आरक्षण विधेयक, मोदी ने कहा– ऐतिहासिक निर्णय

३० चैत, काठमाडौँ । भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में कहा है कि भारत की संसद नया इतिहास रचने जा रही है। सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति बंदन सम्मेलन’ में संबोधन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के विधानसभाओं से लेकर राष्ट्रीय संसद तक महिला प्रतिनिधित्व के लिए दशकों की प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी ने आने वाले अप्रिल १६, १७ और १८ को इस प्रतीक्षा के समाप्ति के महत्वपूर्ण क्षण के रूप में वर्णित किया।

सन् २०२३ में नए संसद भवन में ‘नारी शक्ति बंदन अधिनियम’ के रूप में पहला कदम उठाए जाने की बात याद दिलाते हुए उन्होंने इसे समय पर लागू करने और लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अप्रिल १६ से संसद के बजट अधिवेशन में विशेष बैठक आयोजित करने की जानकारी दी। उन्होंने इस निर्णय को २१वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताया और अब महिलाओं के लिए संसद तक पहुंचने का रास्ता और भी सुगम बनने की उम्मीद जताई। हाल की सरकारी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है और वर्तमान में उनकी भूमिका की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए, ऐसा उनका मानना था।