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जनकपुर में शल्यचिकित्सा के बाद महिला की मृत्यु मामले में समझौता संपन्न

१८ वैशाख, जनकपुरधाम। जनकपुरधाम स्थित कृष्णा मेडिकल एंड टेक्निकल रिसर्च सेंटर अस्पताल में शल्यचिकित्सा के बाद एक महिला की मृत्यु होने वाली घटना को एक लाख रुपये में समझौता कर समाप्त किया गया है। वैशाख १६ गते को पित्ताशय की शल्यक्रिया कराई गई महोत्तरी के बलवा नगरपालिका–१ बञ्चौरी की ३६ वर्षीय रागनीदेवी पासवान शुक्रवार सुबह निधन हो गईं। मृतक परिवार के अनुसार, शल्यक्रिया के लिए जमा किए गए ८० हजार रुपये वापस किए गए और एक लाख रुपये मुआवज़े के रूप में दिए गए, इस प्रकार यह मामला समझौता होकर समाप्त हुआ।

पुलिस प्रशासन पर अस्पताल का संरक्षण करने का आरोप लगाते हुए संबंधियों ने मजबूर होकर समझौता किया है। मृतक के परिवार की तरफ से भूमिका निभाने वाले बलवा नगरपालिका–१ के वार्ड अध्यक्ष पप्पु ठाकुर ने भी इस घटना में समझौता होने की पुष्टि की है। शल्यचिकित्सा के बाद अस्पताल की लापरवाही के कारण मृत्यु होने का आरोप लगाते हुए संबंधियों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी।

मृतक के ससुर दयाराम पासवान के अनुसार, ‘‘प्वाल पारकर’’ (ल्याप्रोस्कोपिक) शल्यक्रिया की शर्त पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन चिकित्सकों ने पेट काटकर शल्यक्रिया की जिससे मृत्यु हुई, ऐसा दावा किया गया है। परिवार ने मामले की जांच कर लापरवाही करने वाले चिकित्सकों और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजा देने की मांग की थी। पूरे दिन अस्पताल परिसर तनावपूर्ण बना रहा। हालांकि मृतक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होने, न्यायिक प्रक्रिया जटिल होने और पुलिस प्रशासन अस्पताल के पक्ष में दिखने के कारण अंतिम रूप से समझौता करने के लिए मजबूर हुआ, ऐसा संबंधियों ने बताया।

वहीं धनुषा के पुलिस प्रवक्ता डीएसपी गणेश बम ने कहा कि मृतक परिवार और अस्पताल के बीच सहमति बनने पर मामला समाप्त हो गया है। तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने अस्पताल में केवल सुरक्षा व्यवस्था की है। उनका कहना था, ‘‘हमने मृतक परिवार को शिकायत दर्ज करने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने कोई शिकायत नहीं दी। अस्पताल में तोड़फोड़ होने के बाद शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था करना हमारा दायित्व था, बस इतना ही किया है।’’