
३० चैत, काठमाडौं। इरान और अमेरिका के बीच विवाद फिर से तीव्र हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए इरानी मालवाहन को रोकने की चेतावनी दी है, जिसके बाद इरानी सेना ने कड़ा प्रतिकार करने की चेतावनी जारी की है। इरानी संचार माध्यम IRIB के जरिए जारी आधिकारिक वक्तव्य में अमेरिका की इस धमकी को “गैरकानूनी” और “समुद्री डकैतिने” के समान बताया गया है।
इरान ने स्पष्ट किया है कि उसके बंदरगाहों पर कोई नाकाबंदी या हमला हुआ तो इसका असर केवल अमेरिका पर नहीं बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ेगा। इरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों को लक्षित करते हुए कहा है कि इस क्षेत्र के सभी बंदरगाहों की सुरक्षा सबके लिए सुनिश्चित होगी, किसी के लिए निर्धारित नहीं होगी।
इरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना ने इरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर के किसी भी बंदरगाह की सुरक्षा सुरक्षित नहीं रहेगी। इरान ने इसके साथ ही युद्ध की स्थिति के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट पर अपना पूर्ण नियंत्रण बनाए रखने और अपने दुश्मनों के जहाजों को इरानी समुद्री सीमाओं में प्रवेश करने से रोकने की घोषणा की है। इस कड़े रुख से विश्व के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता मार्ग में सैन्य हस्तक्षेप का खतरा और बढ़ गया है।





