सुदूरपश्चिम ने पहला प्रादेशिक टीम के रूप में प्रधानमंत्री कप क्रिकेट फाइनल में स्थान बनाकर इतिहास रचा

सन् २०१७ से आयोजित प्रधानमंत्री कप में अब तक कोई भी प्रादेशिक टीम फाइनल में पहुँचने में सफल नहीं हो पाई थी। इससे पहले के संस्करणों में विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी क्लब, नेपाल पुलिस क्लब और सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) ने लगातार दबदबा बनाकर रखा था।
मधेश प्रदेश में चल रहे प्रधानमंत्री कप एकदिवसीय क्रिकेट में सुदूरपश्चिम प्रदेश ने पहली बार फाइनल में प्रवेश किया है। सुदूरपश्चिम ने कुल आठ टीमों में से दो विभागीय टीमों को हरा कर आठवें संस्करण के प्रधानमंत्री कप क्रिकेट के फाइनल में अपनी जगह पक्की की है। इस तरह, सुदूरपश्चिम पहला प्रादेशिक टीम बन गई है जो फाइनल तक पहुंची है।
२०१७ से संचालित प्रधानमंत्री कप में पहले कोई प्रादेशिक टीम फाइनल तक नहीं पहुँची थी। इसके साथ ही विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी क्लब, नेपाल पुलिस क्लब तथा सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) ने लगातार वर्चस्व बनाए रखा था। लेकिन इस बार सुदूरपश्चिम ने उन विभागीय टीमों को हराकर फाइनल तक का सफर तय किया है।
इस संस्करण में सुदूरपश्चिम ने सबसे सफल टीमों में से पुलिस और दो बार के विजेता एपीएफ को कई बार पराजित किया है। प्रधानमंत्री कप के लिए कई खिलाड़ियों ने भारत में प्रशिक्षण लिया है, जिससे सफलता मिली है, ऐसा सुदूरपश्चिम के कप्तान शेर मल्ल ने बताया। उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के लिए व्यक्तिगत रूप से कड़ी मेहनत की है।’
सातवें संस्करण तक आर्मी सात बार फाइनल में पहुंची है। पुलिस ने चार और एपीएफ ने तीन बार फाइनल खेले हैं। पुलिस ने तीन, एपीएफ ने दो और आर्मी ने एक बार खिताब जीता है, वहीं एक संस्करण का फाइनल रद्द हो गया था, जिसमें आर्मी और पुलिस को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था।
कुछ साल पहले विभागीय टीमों की तुलना में प्रादेशिक टीमें कमजोर दिखती थीं, लेकिन अब एनपिएल और अन्य लीगों के प्रभाव से प्रादेशिक खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और खेल का स्तर बेहतर हुआ है, शेर मल्ल ने बताया।
फाइनल में प्रवेश करने वाली सुदूरपश्चिम की टीम में कप्तान शेर मल्ल के साथ हेमन्त धामी, नारायण जोशी जैसे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। हेमन्त ने २५ विकेट लेकर सबसे अधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि शेर मल्ल २२ विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। नारायण ने ९ मैचों में ३०३ रन बनाकर सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में पांचवां स्थान हासिल किया है। अभिषेक पाल और अशोक धामी जैसे खिलाड़ी भी सुदूरपश्चिम की मजबूत टोली बनाने में भूमिका निभा रहे हैं।
अब उपाधि के लिए सुदूरपश्चिम की मुकाबला आर्मी क्लब के साथ होगी। आर्मी इस प्रतियोगिता का इकलौता अपराजित टीम है और सभी संस्करणों में फाइनल खेलने वाली भी एकमात्र टीम है।
सुदूरपश्चिम नेपाली क्रिकेट के लिए उर्वर क्षेत्र माना जाता है। विनोद भण्डारी से लेकर वर्तमान राष्ट्रीय टीम के उपकप्तान दीपेन्द्रसिंह ऐरी तक सभी सुदूरपश्चिम के ही हैं। सुदूरपश्चिम के खिलाड़ी विभागीय टीमों में भी चयनित होते हैं। फिर भी, सुदूरपश्चिम में क्रिकेट प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
फाइनल में आर्मी के खिलाफ खेलने को लेकर सुदूरपश्चिम के कप्तान शेर मल्ल ने कहा कि वे दबाव महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य फाइनल तक पहुंचना था। हम हारने के लिए नहीं, बल्कि जीतने के लिए आए हैं। हमने निडर क्रिकेट खेलकर यहां तक का सफर तय किया है। फाइनल में भी उसी मानसिकता से खेलेंगे। हम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दमदार प्रदर्शन करेंगे।’
प्रधानमंत्री कप शुरू होने से पहले सुदूरपश्चिम के अधिकांश खिलाड़ी भारत में प्रशिक्षण ले रहे थे। कप्तान शेर मल्ल के अनुसार उन्होंने अधिकांश निजी खर्च पर प्रशिक्षण लिया, जिसका प्रभाव मैदान पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। विभागीय टीमों के खिलाड़ियों को मासिक वेतन और संरचित प्रशिक्षण मिलता है, जबकि प्रादेशिक टीमों के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं है।
कप्तान मल्ल ने कहा, ‘१०–१२ मुख्य खिलाड़ियों को मासिक १५ से २५ हजार नेपाली रुपैयाँ के बीच वेतन या भत्ता दिया जाए तो खिलाड़ियों को डायट और अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।’




