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स्वास्थ्य क्षेत्र में दो दिन की छुट्टी लागू न होने पर आंदोलन की चेतावनी

स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय १४ संयुक्त पेशेवर संगठनों ने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सप्ताह में दो दिन की छुट्टी लागू करने को लेकर सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। नेपाल चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ. अनिल विक्रम कार्की की संयोजकता में गठित इस समूह ने स्वास्थ्य क्षेत्र में दो दिन की छुट्टी लागू करने की मांग की है। स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय ने मंत्रिपरिषद के निर्णय के विपरीत दो दिन की छुट्टी न लागू करने का निर्णय लिया है, जिसे तत्काल सुधारने की मांग समूह ने की है। २ वैशाख, काठमांडू।

संयुक्त पेशेवर संगठनों ने स्वास्थ्यकर्मियों को भी सप्ताह में दो दिन की छुट्टी लागू करने की मांग करते हुए सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उनकी घोषणा है कि यदि ये माँग पूरी नहीं हुई तो वे संयुक्त आंदोलन करेंगे। नेपाल चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ. अनिल विक्रम कार्की की अध्यक्षता में गठित इस संयुक्त समूह ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र में लागू सप्ताह में दो दिन की छुट्टी स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होनी चाहिए। इस समूह के सदस्य सचिव डेन्टल हाइजेनिस्ट माइकल देवकोटा हैं।

‘लंबे समय से स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक जनशक्ति की कमी और संगठनात्मक कमजोरियों के कारण चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अत्यधिक कार्यभार से गुजर रहे हैं। इससे मानसिक तनाव समेत अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं,’ विज्ञप्ति में कहा गया है। संगठन ने स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय द्वारा मंत्रिपरिषद के निर्णय के विपरीत स्वास्थ्य क्षेत्र में दो दिन की छुट्टी न लागू करने के फैसले को कानूनी रूप से अमल योग्य नहीं बताया है। उन्होंने मंत्रालय से इस निर्णय को तुरंत संशोधित करने की मांग की है।

मंत्रालय द्वारा रविवार को भी ओपीडी सेवाएं संचालित रखने का आग्रह करने के बाद सरकारी अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है। कुछ अस्पतालों ने सेवाओं को नियमित बनाए रखा है। संयुक्त संगठनों ने कहा है कि यदि स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों की अनदेखी की गई तो वे स्वास्थ्य क्षेत्र में संयुक्त आंदोलन की घोषणा करेंगे।