Skip to main content

नेपाल जेनजी फ्रन्ट ने डोजर आतंक और पुलिस दमन रोकने की अपील की

नेपाल जेनजी फ्रन्ट ने अनधिकृत संरचनाएँ खाली कराने के दौरान राज्य द्वारा किए गए क्रूर और अमानवीय दमन की कड़ी निंदा की है। फ्रन्ट ने विस्थापित नागरिकों के लिए उचित विकल्प और वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करने की सरकार से मांग की है। संरचनाओं की तोड़फोड़ के दौरान हुई अमानवीय बर्ताव के प्रति कड़ी आपत्ति जताते हुए सुरक्षा तंत्र को मानवता संबंधी प्रशिक्षण देने का आह्वान किया है। ७ वैशाख, काठमांडू।

नेपाल जेनजी फ्रन्ट ने अनधिकृत संरचना खाली कराने के नाम पर नागरिकों के आवास और जीवन पर राज्य द्वारा किए गए क्रूर और अमानवीय दमन की कड़ी निंदा की है। सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में फ्रन्ट ने बिना किसी ठोस विकल्प या पुनर्वास की व्यवस्था किए गरीब नागरिकों के आवास और व्यवसायों पर जबरन डोजर चलाना गैरजिम्मेदारी की चरम सीमा बताया है।

दशकों से छोटे व्यवसायों से जीवनयापन कर रहे कम आय वाले आम लोगों को सड़क पर छोड़ना राज्य की योजना और मंशा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है, यह फ्रन्ट का कहना है। विज्ञप्ति में सरकार से पूछा गया है, ‘क्या सरकार ने विस्थापित नागरिकों के भविष्य और आर्थिक प्रबंधन के बारे में कोई योजना बनाई है?’

फ्रन्ट ने किसी भी संरचना को हटाने से पहले वहां आश्रित नागरिकों के लिए उचित विकल्प और वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करने की जोरदार मांग की है। “सुरक्षा कर्मियों को मानवता का प्रशिक्षण दें” कहते हुए संरचनाएँ हटाने के दौरान विकलांग और आम जनता पर संघीय और स्थानीय पुलिस द्वारा किए गए क्रूर और अमानवीय व्यवहार पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की गई है। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘ऐसे कार्यों में शामिल सभी को कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए और सभी सुरक्षा तंत्रों को न्यूनतम मानवता के बारे में प्रभावी प्रशिक्षण देने की हम अपील करते हैं।’’