सरकार ने अर्धमासिक वेतन भुगतान क्यों करने का निर्णय लिया? विदेशों में इसका क्या प्रचलन है?

७ वैशाख, काठमांडू। अर्थ मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान प्रणाली को मासिक से अर्धमासिक में बदलने का औपचारिक निर्णय लिया है।
इस निर्णय के लागू होने के बाद सभी सरकारी कर्मचारियों को हर १५ दिन में एक बार, यानी महीने में दो किस्तों में वेतन और भत्ते प्राप्त होंगे।
अब तक नेपाल में वेतन भुगतान मासिक रूप से होता था। हर महीने के अंत के सप्ताह में संबंधित कर्मचारी के बैंक खाते में वेतन भेजा जाता था।
इस पारंपरिक भुगतान प्रणाली की जगह अब कर्मचारी अपनी कुल आय का ५० प्रतिशत राशि हर १५ दिन में प्राप्त करेंगे, ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे अर्थ मंत्रालय के एक अधिकारी ने अवगत कराया।
अर्थ मंत्रालय ने यह निर्णय लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी तैयारियां शुरू करने हेतु महालेखा परीक्षक कार्यालय को ४ वैशाख को पत्र के माध्यम से सूचना भी दे दी है।
अर्थ मंत्रालय के बजट एवं कार्यक्रम महाशाखा के सहसचिव डॉ. सुमन दाहाल द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है, ‘सरकारी कर्मचारियों के वेतन भत्ता वितरण कार्य जो अब तक मासिक भुगतान के रूप में होता रहा है, उसे अब अर्धमासिक करने का निर्णय २०८३/०१/०४ की आर्थिक मंत्री स्तरीय बैठक में लिया गया है।’
विदेशों में इसका क्या प्रचलन है?
पश्चिमी देशों में यह वेतन भुगतान प्रणाली सामान्य मानी जाती है। लेकिन नेपाल, इसके पड़ोसी और प्रमुख विदेशी रोजगार गंतव्य देशों में यह नई व्यवस्था है।
भारत
भारत में अधिकांश सरकारी कर्मचारी, जैसे उच्च पदस्थ आईएएस अधिकारी मासिक वेतन प्राप्त करते हैं। राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों को माह के अंत या अगले माह के पहले सप्ताह में वेतन दिया जाता है।
चीन
चीन में सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी प्रायः मासिक वेतन प्रणाली पर ही आधारित हैं। वेतन की आधार दर (बेसिक पे) बढ़ाकर आंतरिक खपत बढ़ाने का प्रयास हो रहा है, लेकिन भुगतान की आवृत्ति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
खाड़ी देश
यूएई, कतर, सऊदी अरब जैसे नेपाल से जुड़े प्रमुख विदेशी रोजगार गंतव्य देशों में श्रम कानून के अनुसार मासिक वेतन भुगतान की व्यवस्था है। इस क्षेत्र के देशों में न्यूनतम वेतन और श्रमिक अधिकारों में सुधार हुआ है, फिर भी भुगतान आवृत्ति आम तौर पर मासिक ही रहती है।
पश्चिमी देश
नेपाल द्वारा अपनाई गई नई प्रणाली संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से मिलती-जुलती है।
अमेरिका में निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में हर दो सप्ताह या १५ दिन में वेतन भुगतान होता है। श्रमिक आधारित कामों में तो साप्ताहिक भुगतान भी होता है।
ऑस्ट्रेलिया में भी अमेरिकी प्रणाली की तरह पूर्णकालिक कर्मचारियों के लिए हर दो सप्ताह, कुछ उद्योगों में साप्ताहिक, और वरिष्ठ या पेशेवर क्षेत्रों में मासिक वेतन भुगतान होता है।
यह व्यवस्था वित्तीय दबाव कम करने और उच्च ब्याज दर वाले अल्पकालिक ऋणों पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से अपनाई जाती है।
नेपाल में अर्धमासिक वेतन भुगतान लागू करने के लिए संघीय नागरिक सेवा कानून में संशोधन करना आवश्यक होगा। वर्तमान नागरिक सेवा कानून २०४९ की धारा २८ और ३१ में मासिक वेतन भुगतान की व्यवस्था है।
प्रशासनिक सुधारों के प्रयास
नेपाल सरकार का यह निर्णय बाजार में तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार इससे कर्मचारियों के नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) में सुधार होगा और दैनिक खर्चों का प्रबंधन आसान होगा।
साथ ही, नियमित नकदी प्रवाह से समग्र आर्थिक गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
वर्तमान में सरकार ने प्रशासनिक सुधारों के तहत सरकारी कार्यालयों का समय सुबह ९ बजे से शाम ५ बजे तक निर्धारित कर इसे लागू कर दिया है। वहीं, शनिवार और रविवार को साप्ताहिक छुट्टियों के रूप में पुनः लागू किया गया है। शीर्ष अधिकारी शुक्रवार को आधे दिन कार्यालय समय को पूरा यानी ९ से ५ बजे तक बढ़ा चुके हैं।
अर्धमासिक वेतन भुगतान का निर्णय प्रशासनिक सुधारों की निरंतरता माना जा रहा है।
निर्णय को लागू करने के लिए कानून में संशोधन आवश्यक
अर्धमासिक वेतन भुगतान को लागू करने के लिए संघीय नागरिक सेवा कानून में आवश्यक प्रावधान जोड़े जाने की जरूरत है। अर्थ मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, ‘पूर्व के कानून में कर्मचारियों को मासिक भुगतान के बाद वेतन मिलने का प्रावधान है, इसलिए १५ दिन में भुगतान के लिए संशोधन जरूरी है।’
नागरिक सेवा कानून २०४९ की धारा २८ में मासिक वेतन भुगतान का प्रावधान दिया गया है, जिसमें कहा गया है, ‘नागरिक कर्मचारी हर महीने वेतन और भत्ते भुगतान के बाद प्राप्त करेंगे।’
धारा ३१ में मासिक वेतन से दस प्रतिशत कटौती कर पूरी राशि कर्मचारी संचित कोष में जमा कराने की व्यवस्था है।
वर्तमान सरकार संघीय नागरिक सेवा कानून तैयार कर रही है, जिसमें अर्धमासिक वेतन भुगतान की व्यवस्था का समावेश करने की तैयारी है।
‘संघीय नागरिक सेवा कानून पास होने के बाद कभी भी यह निर्णय लागू किया जा सकता है। आवश्यक तैयारियां जारी हैं,’ अर्थ मंत्रालय के सूत्र ने बताया।





