अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने बजट तैयारियों के लिए मंत्रियों और सचिवों के साथ चर्चा की

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट तैयारियों को लेकर संबंधित विषयगत मंत्रालयों के मंत्रियों और सचिवों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की है। अर्थ मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और प्रधानमंत्री के सलाहकार सुदीप ढकाल भी उपस्थित थे। मंत्री वाग्ले ने बजट निर्माण में सुशासन, आर्थिक विकास, निजी निवेश, अवसंरचना विकास और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उत्थान को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। ७ वैशाख, काठमाडौं।
सोमवार को अर्थ मंत्रालय में मंत्री वाग्ले और सभी संबंधित मंत्रालयों के मंत्री एवं सचिवों के बीच आगामी आर्थिक वर्ष के बजट तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसे मंत्रालय ने पुष्टि की। बैठक में राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और प्रधानमंत्री के प्रशासन तथा सुशासन सलाहकार सुदीप ढकाल भी उपस्थित थे। अर्थ सचिव डॉ. घनश्याम उपाध्याय ने विषयगत मंत्रालयों से बजट स्थानान्तरण प्रक्रियाओं को सरल बनाने, बहुवर्षीय ठेके और स्रोत समझौतों में समय सीमा परिवर्तन जैसे मुद्दों की जानकारी दी।
बजट एवं कार्यक्रम महाशाखा के सहसचिव डॉ. सुमन दाहाल ने आगामी आर्थिक वर्ष के बजट तैयारियों की वर्तमान प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। विषयगत मंत्रालयों के मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालय के बजट और कार्यक्रमों से जुड़े मामलों और चुनौतियों पर चर्चा की। अर्थमंत्री वाग्ले ने नेपाल की सार्वजनिक वित्तीय संकट की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आगामी बजट में सभी पक्षों की सामूहिक समीक्षा होगी।
उनके अनुसार, राज्य का अनिवार्य खर्च १,३३० अरब और राजस्व १,८०० अरब होने की स्थिति में नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए बजट निर्माण चुनौतीपूर्ण है। बजट के सिद्धांतों के रूप में सुशासन, संस्थागत सशक्तिकरण, नैतिक नीतियां अपनाना, सतत आर्थिक विकास, निजी निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी का विस्तार, पूंजी विकास के लिए अवसंरचना विकास, मध्यम वर्ग की प्रगति, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का उत्थान और शांतिपूर्ण विकास जैसे विषयों पर आधारित बजट और कार्यक्रमों का चयन करना आवश्यक है, उन्होंने जोर दिया।
अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा कि अर्थ मंत्रालय की बाध्यताएं और सीमाएं सभी मंत्रालयों को सूचित कर दी गई हैं और उनके अनुरूप अपने मंत्रालयों की प्राथमिकताएं निर्धारित कर बजट निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई है।





