
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा सहित।
- डिजर के अनुसार नए संगीत में 44 प्रतिशत हिस्सा एआई-जेनरेटेड ट्रैकों का है।
- डिजर ने एआई द्वारा निर्मित गीतों को अपने एल्गोरिदम और संपादकीय प्लेलिस्ट से हटाने की नीति अपनाई है।
- डिजर के सीईओ एलेक्सिस लान्तर्नियर ने कलाकारों के अधिकार संरक्षण और पारदर्शिता के लिए पूरे संगीत उद्योग को एकजुट होने का आह्वान किया है।
८ वैशाख, काठमाडौं। म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म डिजर ने प्रकाशित किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, उसके प्लेटफॉर्म पर अपलोड होने वाले नए संगीत में 44 प्रतिशत ट्रैक एआई-जनरेटेड हैं।
कंपनी वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 75 हजार और मासिक 20 लाख से अधिक एआई निर्मित गीत प्राप्त कर रही है, जबकि जनवरी 2025 में यह संख्या रोजाना केवल 10 हजार थी।
भले ही एआई संगीत की संख्या तेजी से बढ़ी हो, कुल स्ट्रीमिंग में इसकी खपत केवल 1 से 3 प्रतिशत तक सीमित है, जिनमें से 85 प्रतिशत स्ट्रीम फर्जी पाई गई हैं, इसलिए कंपनी ने इससे होने वाली आय रोक दी है।
इस चुनौती का सामना करने के लिए डिजर ने एआई निर्मित गीतों को अपने एल्गोरिदम और संपादकीय प्लेलिस्ट से हटाने की नीति अपनाई है, और अब इस तरह के ट्रैकों के उच्च गुणवत्ता वाले संस्करण भी संग्रहित नहीं करेगा।
जनवरी 2025 से एआई संगीत को अलग ‘टैग’ करना शुरू करने वाले डिजर ने अब तक 13.4 मिलियन से अधिक ट्रैक वर्गीकृत किए हैं। कंपनी के एक सर्वेक्षण में 97 प्रतिशत लोग मानव निर्मित और एआई निर्मित संगीत के बीच भेद नहीं कर पाए।
डिजर के सीईओ एलेक्सिस लान्तर्नियर ने कलाकारों के अधिकारों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए पूरी संगीत दुनिया को एकजुट होने का आग्रह किया है। हाल ही में एआई संगीत ने अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में आईट्यून्स के शीर्ष स्थान भी प्राप्त किए हैं।
डिजर के साथ-साथ स्पोटिफाई और एप्पल म्यूजिक जैसे अन्य बड़े प्लेटफॉर्म भी एआई संगीत को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न फिल्टर और पारदर्शिता उपाय अपनाए जा रहे हैं।





