फोन पर बातचीत करने पर कार्रवाई, अध्यक्ष की ओर पीठ करके बैठना निषेध नियम लागू

प्रतिनिधि सभा नियमावली २०८३ का मसौदा तैयार किया गया है जिसमें सभा की बैठक में पालन किए जाने वाले नियम शामिल हैं। नियमावली के अनुसार, सभापति जब बैठक कक्ष में प्रवेश करेंगे तो सभी सदस्यों को उठकर सम्मान दिखाना होगा और सभापति को सम्मान के साथ अपना स्थान ग्रहण करना होगा। बैठक के दौरान फोन को मूक स्थिति में रखना अनिवार्य होगा, फोटो खींचना तथा ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग करना सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है। उल्लंघन पर सभापति को कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
८ वैशाख, काठमांडू – प्रतिनिधि सभा नियमावली २०८३ का मसौदा तैयार होने के बाद ये नियम सार्वजनिक किए गए हैं। इसके अनुसार, सभापति के बैठक कक्ष में प्रवेश करते ही सभी सदस्य उन्हें सम्मान स्वरूप खड़े होंगे, और सभापति सम्मान पूर्वक अपनी सीट ग्रहण करेंगे। बैठक स्थगित होने के बाद ही सभापति बैठक कक्ष छोड़ेंगे और इसके बाद सदस्यों को बैठक कक्ष छोड़ने की अनुमति होगी। बिना सभापति की अनुमति के सदन में कोई सदस्य बोल नहीं सकेगा। बोलते समय सभापति का सम्मानपूर्वक संबोधन करना आवश्यक होगा तथा केवल निर्धारित स्थान से ही बोलने की सुविधा होगी। सभापति के बोलते समय किसी सदस्य का स्थान छोड़ना निषेध होगा तथा सभापति की कही बातों को ध्यानपूर्वक सुनना होगा।
सभापति के आसन और बोल रहे सदस्य के बीच से चलना मना है, सभापति की ओर पीठ करके बैठना या खड़ा होना भी अनिवार्य रूप से प्रतिबंधित किया गया है। कोई भी सांसद बैठक की मर्यादा को भंग करने, बाधा डालने या अव्यवस्था उत्पन्न करने वाला कार्य नहीं कर सकेगा। बैठक के विषय से असंबंधित सामग्री पढ़ना मनाही है। फोन पर बातचीत पूरी तरह से प्रतिबंधित है तथा फोन को अन-रिंग या मूक स्थिति में रखना अनिवार्य होगा। फोन के माध्यम से बातचीत करना, फोटो लेना और ऑडियो/वीडियो रिकॉर्ड करना सख्ती से निषिद्ध है। सहभागी सदस्यों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
सभापति का ध्यान आकर्षित करने के लिए खड़ा होना होगा तथा नाम या संकेत मिलने के बाद ही बात करना संभव होगा। सभापति की पद से संबंधित कृत्य के विषय में ही चर्चा की अनुमति होगी, अन्य समयसभापति की आलोचना करना मना है। अशिष्ट, अपमानजनक, अश्लील या सार्वजनिक नैतिकता के खिलाफ शब्द प्रयोग निषिद्ध है। किसी व्यक्ति, जाति, धर्म, भाषा या लिंग का अपमान करने या प्रभावित करने वाली बात करना भी मना है। बोलने के अधिकार का सदन के काम में बाधा डालने के लिए दुरुपयोग नहीं किया जा सकेगा।
सदन में सांसद द्वारा दिया गया विषय सदन के चर्चा से संबंधित होना आवश्यक होगा। असंबंधित विषय दोहराना या बिना तर्क के चर्चा को भटकाना होने पर सभापति उस सदस्य को बोलने से रोक सकते हैं या सवाल कर सकते हैं। आदेश मिलने पर वह सदस्य बोलना छोड़कर अपनी जगह पर बैठ जाएगा। चर्चा के दौरान आवश्यक हो तो सदस्य सभापति से अनुमति लेकर स्पष्टीकरण दे सकते हैं। सभापति की अनुमति से सदस्य संबद्ध विषय पर जानकारी दे सकते हैं लेकिन विवादास्पद विषय उठाने की अनुमति नहीं होगी। नियम उल्लंघन पर सभापति उचित कार्रवाई करने के अधिकारी होंगे।





