
८ वैशाख, काठमाडौं। सर्वोच्च अदालत द्वारा नेपाली कांग्रेस के विवाद पर सुनवाई के बाद, पूर्णबहादुर खड्काले निवर्तमान कार्यवाहक सभापति के रूप में पहली बार प्रेस वक्तव्य जारी किया है। मंगलवार को जारी इस वक्तव्य में खड्काने विद्यार्थी संगठन और स्वतन्त्र विद्यार्थी यूनियन को समाप्त करने सरकार के निर्णय के प्रति आपत्ति जताई है। खड्काने विद्यार्थी संगठन को नेपाल के गौरवशाली राजनीतिक इतिहास की मेरुदण्ड के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने बताया कि स्वतन्त्र विद्यार्थी यूनियन के माध्यम से ही देश ने संघीय लोकतान्त्रिक गणतांत्रिक व्यवस्था प्राप्त की है और नेपाली जनता उच्चतम नागरिक स्वतंत्रता का आनंद ले रही है।
‘निर्दलीय निरंकुश पंचायती प्रशासन के अंधकारमय युग में जब राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगाया गया था,’ विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘उस समय राजनीतिक विचारधारा के आधार पर संगठित विद्यार्थी संघों ने लोकतंत्र की मशाल जलाई, जनता में चेतना जगाई और अधिनायकवाद के खिलाफ विद्रोह की शुरुआत करने वाले साहसिक अभियान का नेतृत्व किया, यह इतिहास सत्यापित करता है।’ वर्तमान में बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लोकतंत्र की नर्सरी मानी जाने वाली विद्यार्थी संघ-संगठन और स्वतन्त्र विद्यार्थी यूनियन के अस्तित्व पर प्रहार कर उन्हें समाप्त करने के निर्णय को विज्ञप्ति में सरकार का अधिनायकवादी कदम बताया गया है। खड्काने का प्रेस विज्ञप्ति इस प्रकार है :





