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अमेरिका द्वारा युद्धविराम अवधि बढ़ाए जाने पर इरान में क्यों उभरी शंका?

९ वैशाख, काठमाडौं । इरानी अधिकारियों ने अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए युद्धविराम की अनुपालना को लेकर शंका जाहिर की है। इरानी संसद के सभापति मोहम्मद बगर गालिबाफ के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने अमेरिका पर अचानक हमला करने की संभावना जताते हुए युद्धविराम की पालना को लेकर संशय व्यक्त किया है। उन्होंने युद्धविराम बढ़ाने को निराधार बताया है।

मोहम्मदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘हारने वाला पक्ष शर्तें नहीं निर्धारित कर सकता। घेराबंदी जारी रखने का मतलब बमबारी से अलग नहीं है। इसका जवाब सैन्य कार्रवाई से दिया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा अचानक हमले की तैयारी के तहत युद्धविराम की अवधि बढ़ाई गई है और अब इरान के आक्रमण का समय आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने २२ अप्रैल को युद्धविराम अवधि अनिश्चितकाल तक बढ़ाने की घोषणा की थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के आग्रह पर समय बढ़ाने का कदम उठाया गया, ऐसा उनका दावा है।