प्रशोधित यूरेनियम क्या है, इरान के पास कितना है और क्या वह परमाणु हथियार बना रहा है?

अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे के अनुसार, तेहरान ने युद्ध समाप्त करने के समझौते के तहत अपने प्रशोधित यूरेनियम का भंडार सौंपने का आश्वासन दिया है, जिससे फिर से काफी ध्यान आकर्षित हुआ है। लेकिन सोमवार को इरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिब्जादेह ने इस दावे का खंडन करते हुए असोसिएटेड प्रेस से कहा कि यह संभव नहीं है। दोनों पक्षों के बीच और शांति वार्ता जारी है और यह विषय वार्ता के मुख्य एजेंडे में बना रहेगा।
लेकिन वास्तव में प्रशोधित यूरेनियम क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? पृथ्वी की सतह पर यूरेनियम एक प्राकृतिक तत्व है। इसके दो प्रकार के आइसोटोप होते हैं: यू-२३८ और यू-२३५। प्राकृतिक यूरेनियम में ९९% यू-२३८ होता है जो ‘चेन रिएक्शन’ को उत्पन्न नहीं कर सकता। जबकि ०.७% यू-२३५ होता है जो आसानी से विखंडित हो सकता है और परमाणु विखंडन अर्थात् परमाणु फिसन की प्रक्रिया में ऊर्जा निकालने के लिए उपयोगी है।
प्रशोधन के विभिन्न स्तरों के अनुसार यूरेनियम का उद्देश्य भिन्न होता है। कम प्रशोधित यूरेनियम में ३ से ५% यू-२३५ होता है जिसे व्यावसायिक परमाणु ऊर्जा केंद्रों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें नियंत्रित ‘चेन रिएक्शन’ संभव है, लेकिन हथियार बनाने के लिए यह स्तर पर्याप्त नहीं होता। उच्च प्रशोधित यूरेनियम में यू-२३५ की मात्रा २०% या उससे अधिक होती है और इसे अनुसंधान रिएक्टरों में उपयोग किया जाता है। परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम में लगभग ९०% यू-२३५ होना आवश्यक होता है।
सन् २०१५ के समझौते के अनुसार, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, अमेरिका और ब्रिटेन सहित छह वैश्विक शक्तियों ने इरान को ३.६७% से अधिक यूरेनियम प्रशोधित करने और अपने भंडार को ३०० किलोग्राम से अधिक न रखने की प्रतिबंध लगाया था।
वर्तमान वार्ताओं में इरान के पास मौजूद प्रशोधित यूरेनियम के भविष्य को लेकर चर्चा हो रही है। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि इरान के पास लगभग ४४० किलोग्राम उच्च श्रेणी में प्रशोधित यूरेनियम है।
इरान बार-बार कहता रहा है कि उसके परमाणु केंद्र केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय आणविक ऊर्जा संगठन (IAEA) ने भी इरान में सक्रिय परमाणु हथियार कार्यक्रम के कोई प्रमाण नहीं मिलने की पुष्टि की है।





