2 असार, काठमांडू। फीफा विश्व कप 2026 के समूह ‘आई’ के तहत कैलिफोर्निया के प्रसिद्ध सैन फ्रांसिस्को स्टेडियम में एक रोमांचक और रणनीतिक मुकाबला आयोजित किया जाएगा। एशियाई शक्तिशाली टीम इराक और यूरोपीय आक्रामक टीम नॉर्वे के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। ऐतिहासिक रूप से यह मैच दोनों देशों के लिए एक बड़ा ‘पुनरागमन उत्सव’ माना जा रहा है। इराक ने 1986 में मेक्सिको विश्व कप के बाद 40 वर्षों के अंतराल के बाद पुनः विश्व कप में जगह बनाई है, वहीं नॉर्वे भी 1998 के बाद पहली बार मुख्य विश्व कप प्रतियोगिता में चयनित हुआ है। फ्रांस और सेनेगल जैसे विश्व फुटबॉल के महाशक्तियों के समक्ष समूह ‘आई’ को ‘मौत का समूह’ कहा जा रहा है। नॉकआउट चरण की संभावना बनाए रखने के लिए दोनों टीमों को अपनी शुरुआत के मैच में जीत हासिल करनी होगी।
इराक की टीम अपने डच कोच डिक एडवोकेट की रणनीतिक अनुशासन और मजबूत रक्षा प्रणाली पर निर्भर रहेगी, जो यूरोपीय टीम के लिए चुनौती प्रस्तुत करेगी, जबकि नॉर्वे विश्व के बेहतरीन स्ट्राइकर और प्रीमियर लीग के कप्तान के नेतृत्व में तीन अंक लेने की योजना बनाएगी। इराक और नॉर्वे के बीच फुटबॉल का इतिहास पुराना लेकिन सीमित है। दोनों टीमें अब तक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में केवल एक बार आमने-सामने आई हैं। 2002 में हुए एकमात्र मैत्रीपूर्ण मैच में नॉर्वे ने इराक को 1-0 से हराया था। विश्व कप के मुख्य मंच पर यह दोनों देशों का पहला मुकाबला होगा। खेल के ऐतिहासिक अनुभव और इतिहास को देखते हुए नॉर्वे को मजबूत माना जा रहा है, लेकिन इराक की मेहनती और दृढ़ रक्षात्मक शैली यूरोपीय टीम के लिए कड़ी चुनौती साबित होगी।
देखने योग्य खिलाड़ी
इराक
आयमेन हुसैन (स्ट्राइकर): इराक के मुख्य आक्रमणकारी और प्रमुख गोल स्कोरर आयमेन हुसैन घरेलू क्लब अल-कुवा अल-जाविया से जुड़े हैं। 6 फुट 2 इंच लंबाई वाले 28 वर्षीय हुसैन का अंतरराष्ट्रीय करियर प्रेरणादायक है; उन्होंने एएफसी एशियाई कप और विश्व कप क्वालीफायर में सबसे अधिक गोल करके टीम को यहां तक पहुंचाया है। उनकी शारीरिक ताकत, हवाई क्षेत्र पर प्रभुत्व और पेनाल्टी क्षेत्र में उत्कृष्ट फिनिशिंग क्षमता नॉर्वे की रक्षा पंक्ति को चुनौती देगी।
अली जसिम (विंगर): इराक के 20 वर्षीय युवा सितारा अली जसिम इटली की प्रसिद्ध सीरी ए क्लब कोमो 1907 में खेल रहे हैं। राष्ट्रीय टीम के लिए रचनात्मकता और नवीनता के मुख्य स्रोत माने जाने वाले जसिम के पास तेज गति, उत्कृष्ट ड्रिब्लिंग और कम जगह में भी डिफेंडर को मात देने की क्षमता है। मैदान के विंग पर वे इराक के आक्रमण को गतिशील बनाएंगे।
जलाल हसन (गोलकीपर): इराक के अनुभवी 34 वर्षीय कप्तान जलाल हसन घरेलू क्लब अल-जोरआ के प्रमुख गोलकीपर हैं। 110 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हसन इराक की रक्षा पंक्ति की मजबूत दीवार हैं। वे नॉर्वे के हमलों को रोककर टीम को मजबूती प्रदान करेंगे।
नॉर्वे
एर्लिंग हालैंड (स्ट्राइकर): नॉर्वे के उपकप्तान और विश्व फुटबॉल के घातक गोल मशीन एर्लिंग हालैंड मैनचेस्टर सिटी के प्रमुख आक्रमणकारी हैं। प्रीमियर लीग में लगातार गोल करते हुए गोल्डन बूट जीत चुके 25 वर्षीय हालैंड की शारीरिक ताकत, तेज दौड़ और दोनों पैरों से सटीक फिनिशिंग इराकी डिफेंडरों को पूरे मैच में दहशत में रखेगी।
मार्टिन ओडेगार्ड (मिडफील्डर): नॉर्वे के कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड आर्सेनल एफसी के मुख्य प्लेमेकर हैं। विश्व के श्रेष्ठ मिडफील्डरों में गिने जाने वाले ओडेगार्ड खेल की गति नियंत्रित करते हुए विरोधी रक्षा को सटीक थ्रू-पास से चकमा देंगे और हालैंड के लिए गोल के अवसर बनाएंगे।
एंटोनियो नुसा (विंगर): जर्मनी के आरबी लाइपज़िग के 20 वर्षीय युवा विंगर एंटोनियो नुसा नॉर्वे फुटबॉल के नए चमकते सितारे हैं। उनकी तेज गति, उत्कृष्ट एकल क्षमता और ड्रिब्लिंग काबिलियत है। बाएं विंग से वे रक्षा-पंक्ति में घुसकर पेनाल्टी क्षेत्र में हालैंड को अधिक जगह उपलब्ध कराएंगे।
