रूस ने पश्चिमी शक्तियों पर ‘रोसाटोम’ के कार्य में बाधा डालने की साजिश का आरोप लगाया

रूसी सुरक्षा परिषद के उप-सचिव अलेक्सी शेवत्सोव ने पश्चिमी शक्तियों पर रूसी परमाणु ऊर्जा कंपनी ‘रोसाटोम’ के कार्यों में बाधा डालने के लिए लगातार बदनामी अभियान चलाने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, विशेष रूप से कज़ाखस्तान और किर्गिज़स्तान में निर्माणाधीन परमाणु ऊर्जा केंद्र परियोजनाओं को लक्षित कर रोसाटोम की छवि खराब करने के लिए सुनियोजित सूचना युद्ध संचालित किया जा रहा है।
शेवत्सोव ने कहा कि मोल्दोवा और आर्मेनिया में मौजूद हजारों गैर-सरकारी संस्थाएं रूस के साथ द्विपक्षीय संबंधों को कमजोर करने और क्षेत्रीय एकीकरण की प्रक्रियाओं को बदनाम करने का काम कर रही हैं। उन्होंने यूरोपीय संघ और ओएससीई के निगरानी मिशनों पर भी कटु आलोचना की और कहा कि वे सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं तथा केवल ‘खाने के स्वाद़ का आनंद लेने’ के लिए केन्द्रित हैं।
मध्य पूर्व संकट और होरमूज जलसंधि की संभावित नाकाबंदी से विश्व खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव के बारे में शेवत्सोव ने चेतावनी भी दी। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, विश्व की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति करने वाली इस जलसंधि के बंद होने से वैश्विक बाजार में तेल की भारी कमी होगी, जो रासायनिक उर्वरक उत्पादन पर सीधे नकारात्मक प्रभाव डालेगा, उनका विश्लेषण है।





