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राष्ट्रपति ट्रम्प ने १५ खरब डॉलर का सैन्य बजट प्रस्तावित किया, सामाजिक सुरक्षा में बड़ा कटौती योजना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए १५ खरब अमेरिकी डॉलर का सैन्य बजट प्रस्तुत किया है। ट्रम्प ने घरेलू सामाजिक सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन कार्यक्रमों में ७३ अरब डॉलर की कटौती का प्रस्ताव रखा है। इस बजट में आंतरिक सुरक्षा विभाग और आप्रवासन एजेंसियों को बड़े पैमाने पर बजट आवंटित कर आंतरिक सुरक्षा को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है। इस वार्षिक बजट प्रस्ताव में पिछले वर्ष की तुलना में रक्षा व्यय में करीब ४० प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।

व्हाइट हाउस ने इस बजट के माध्यम से ‘शक्तिमार्फत शांति’ (पीस थ्रू स्ट्रेंथ) के अपने मूल मंत्र की पुनः पुष्टि की है और सैन्य शक्ति तथा कानून प्रवर्तन को प्राथमिकता दी है। इस बजट की संरचना और सैन्य प्राथमिकताओं में राष्ट्रपति ट्रम्प के २०२७ के बजट प्रस्ताव के तहत २०२६ से रक्षा व्यय में ४५५ अरब डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि का लक्ष्य स्थापित किया गया है। ऑफ़िस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (ओएमबी) के निदेशक रसेल वॉउट ने इस प्रस्ताव के प्रस्तावना में लिखा है, ‘२०२७ के बजट ने गैर-रक्षा व्यय को नियंत्रित करने और संघीय सरकार में सुधार की राष्ट्रपति की दृष्टि को आगे बढ़ाया है।’

इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा प्रणाली है। ट्रम्प ने अमेरिकी भूमि को बाहरी हमलों से पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए इस उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली के विकास हेतु व्यापक वित्तीय आवंटन किया है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी नौसैनिक जहाज निर्माण उद्योग में निवेश बढ़ाने, महत्वपूर्ण खनिजों के उत्खनन और प्रसंस्करण में निवेश करने तथा अमेरिकी सैनिकों के वेतन वृद्धि के प्रस्ताव भी इस बजट में शामिल हैं। सामाजिक सुरक्षा और घरेलू कार्यक्रमों में ७३ अरब डॉलर की कटौती का प्रभाव जलवायु परिवर्तन के प्रयासों, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं में समानता सुनिश्चित करने वाले कार्यक्रमों पर व्यापक रूप से पड़ेगा।

ट्रम्प ने स्वास्थ्य सेवा के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों ‘मेडिकेड’ और ‘मेडिकेयर’ को संघीय सरकार से अलग कर राज्य सरकारों के अधीन स्थानांतरित करने का प्रयास किया है। आलोचकों ने इस कदम का तीव्र विरोध करते हुए कहा है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में असमानता और कमी उत्पन्न होने की आशंका है। आप्रवासन और कानून प्रवर्तन में कड़ी प्राथमिकता के तहत यह बजट प्रस्ताव ट्रम्प के ‘सामूहिक देशनिकाला’ अभियान को सफल बनाने हेतु आंतरिक सुरक्षा विभाग और आप्रवासन एवं सीमा प्रवर्तन एजेंसियों को भारी बजट आवंटित करता है।

वर्तमान में अमेरिका का वार्षिक बजट घाटा लगभग २ ट्रिलियन डॉलर हो चुका है और राष्ट्रीय ऋण ३९ ट्रिलियन डॉलर के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इस स्थिति में रक्षा व्यय में ४० प्रतिशत की वृद्धि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है, ऐसा अर्थशास्त्रियों का अनुमान है। राष्ट्रपति ट्रम्प का यह बजट प्रस्ताव मात्र आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि अमेरिका के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक राजनीतिक दस्तावेज भी माना जा रहा है। आने वाले हफ्तों में कांग्रेस में हो रहे वार्तालाप और मोल-तोल से इस बजट का अंतिम स्वरूप निर्धारित होगा।