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सरकार विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारियों को हटाने के लिए नियम लाने की तैयारी में

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के साथ।

  • सरकार ने विश्वविद्यालय पदाधिकारियों को हटाने की व्यवस्था करते हुए राष्ट्रपति को विश्वविद्यालय सम्बन्धी अधिनियम संशोधन अध्यादेश सिफारिश किया है।
  • अधिनियम के अंतर्गत पदाधिकारियों के कार्यकाल चार वर्ष के प्रावधान को हटाकर सरकार को जब चाहे पदाधिकारियों को हटाने की शक्ति दी जा रही है।
  • नेपाल में १८ विश्वविद्यालय हैं और पूर्व राजनीतिक भागीदारी पर आधारित नियुक्ति प्रक्रिया को मेरिट के आधार पर बदलने का संकल्प पूरा किया जा रहा है।

१६ वैशाख, काठमांडू। सरकार ने विश्वविद्यालय के वर्तमान पदाधिकारियों को हटाने की व्यवस्था के साथ राष्ट्रपति को अध्यादेश सिफारिश किया है।

राष्ट्रपति कार्यालय में बुधवार को सिफारिश किए गए तीन अध्यादेशों में से एक विश्वविद्यालय सम्बन्धी नेपाल अधिनियम संशोधन अध्यादेश भी है। इस अध्यादेश में विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिनियमों के प्रावधानों में संशोधन का प्रावधान है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार इस अध्यादेश ने पदाधिकारियों के कार्यकाल के प्रावधान को ही समाप्त कर दिया है।

वर्तमान अधिनियम के अनुसार विश्वविद्यालय पदाधिकारियों का कार्यकाल ४ वर्ष निर्धारित है। इस प्रावधान को अध्यादेश के माध्यम से हटाया जाना है।

सूत्रों के मुताबिक पदाधिकारियों के कार्यकाल का कोई उल्लेख अध्यादेश में नहीं है, जिसका तात्पर्य है कि सरकार किसी भी समय नियुक्त पदाधिकारियों को हटा सकती है।

विश्वविद्यालय में उपकुलपति, रेक्टर एवं रजिस्ट्रार की नियुक्ति का प्रावधान है। कुलपति प्रधानमंत्री और सहकुलपति शिक्षा मंत्री बनाए जाने की परंपरा है।

पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया राजनीतिक भागीदारी पर आधारित होने के कारण पूर्व में इसकी आलोचना होती रही है।

इस व्यवस्था को हटाकर केवल मेरिट के आधार पर नियुक्ति करने की सरकार और राजस्वครงการ चुनावी प्रतिबद्धता थी, जो अब लागू की जा रही है।

नेपाल में कितने विश्वविद्यालय हैं?