
बाजार से पैकेटबंद किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदते समय केवल स्वाद, ब्रांड या ऑफर देखकर ही निर्णय नहीं लेना चाहिए, बल्कि पैकेट पर लगे रंगों को भी समझना आवश्यक है।
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा की गई।
- पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में हरा, लाल, पीला, नीला, काला और सफेद रंग के चिह्न सामग्री और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हैं।
- हरा चिह्न शाकाहारी, लाल मांसाहारी, पीला अंडा, नीला विशेष पोषण और काला अधिक प्रसंस्कृत उत्पाद दर्शाता है।
आजकल पैकेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन बहुत बढ़ गया है। मिठाई, बिस्कुट, फ्रोजन फूड, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स या बच्चों के स्नैक्स आदि इसके उदाहरण हैं। व्यस्त जीवनशैली के कारण अधिक लोग पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन क्या कभी आपने ध्यान दिया है कि इन पैकेटों पर छोटे रंगीन चिह्न होते हैं?
हरे या लाल रंग के चिह्न तो अधिकांश ने देखे होंगे, लेकिन अब कुछ उत्पादों पर नीला, पीला या काला रंग भी देखने को मिलता है। ये केवल डिजाइन के लिए नहीं होते, बल्कि खाद्य पदार्थ की प्रकृति, सामग्री और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देने वाले संकेत होते हैं।
आज के समय में खानपान के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। लोगों की खाने-पीने की आदतें अलग-अलग होती हैं। कोई पूर्ण शाकाहारी होता है, कोई अंडा खाता है पर मांस नहीं खाता, तो कुछ वीगन होते हैं अर्थात पशु उत्पाद न खाने वाले। इसलिए जो भी खाद्य पदार्थ आप खरीदें, उसके सामग्री के बारे में समझना बुद्धिमानी है।
ऐसे रंगीन चिह्न पैकेट के अंदर की सामग्री के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हैं। साथ ही यह भी संकेत देते हैं कि कौन-सा उत्पाद नियमित रूप से खाया जा सकता है और कौन-सा सीमित मात्रा में। इसलिए बाजार से पैकेट बंद किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदते समय केवल स्वाद, ब्रांड या ऑफर न देखें, बल्कि पैकेट पर दिए लेबल और चिह्न भी देखें।
अब जानते हैं कि कौन-सा रंग क्या दर्शाता है:
हरा चिह्न : शाकाहारी उत्पाद
हरे चिह्न वाले उत्पाद पूर्ण रूप से शाकाहारी माने जाते हैं। इनमें मांस, मछली, अंडे या किसी भी पशुजनित पदार्थ नहीं होता। शाकाहारी जीवन शैली अपनाने वालों के लिए यह चिह्न महत्वपूर्ण है।
लाल चिह्न : मांसाहारी उत्पाद
लाल चिह्न यह दर्शाता है कि उत्पाद में मांस, मछली, अंडे या अन्य पशुजन्य सामग्री शामिल है। जो लोग शाकाहारी हैं, उन्हें इस चिह्न को देखकर सतर्क होना चाहिए।
पीला चिह्न : अंडा शामिल उत्पाद
बहुत से लोग मांस नहीं खाते पर अंडे खाते हैं, जबकि कुछ लोग अंडा भी नहीं खाते। बिस्कुट, केक, ब्रेड, पास्ता या मेयोनेज जैसे उत्पादों में अंडा मिलाया हो सकता है। पीला चिह्न यह जानकारी देता है कि उत्पाद में अंडा है।
नीला चिह्न : विशेष पोषण या चिकित्सीय उपयोग
अगर पैकेट पर नीला चिह्न है तो वह उत्पाद विशेष स्वास्थ्य जरूरतों के लिए कृत्रिम पोषण या चिकित्सा प्रयोजन के लिए बनाया गया हो सकता है, जैसे सप्लीमेंट, फोर्टिफाइड फूड, प्रोटीन ड्रिंक या मेडिकल न्यूट्रिशन सामग्री। ऐसे उत्पादों का उपयोग करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।
काला चिह्न : अधिक संसाधित या कृत्रिम तत्वयुक्त
काले चिह्न को अधिकतर लोग चेतावनी के रूप में समझते हैं। यह संकेत देता है कि उत्पाद में कृत्रिम रंग, फ्लेवर, प्रिजरवेटिव, अत्यधिक नमक, चीनी या अन्य रासायनिक तत्व अधिक हो सकते हैं। विशेष रूप से चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, कैंडी, चॉकलेट, इंस्टेंट स्नैक्स आदि में यह अधिक पाया जाता है।
ऐसे उत्पादों का लंबे समय तक अधिक सेवन मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, लीवर संबंधी समस्याएं और पाचन विकारों का कारण बन सकता है।
सफेद चिह्न : सामान्य या न्यूनतम संसाधित उत्पाद
कुछ ब्रांड सफेद या हल्के रंग के चिह्न का उपयोग कर यह संकेत देते हैं कि यह उत्पाद सामान्य, कम संसाधित या बुनियादी सामग्री से बना है। हालांकि यह नियम हर जगह लागू नहीं होता, इसलिए लेबल पढ़ना आवश्यक है।
सिर्फ रंग ही नहीं, इन बातों का भी ध्यान रखें:
पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय केवल रंगीन चिह्नों पर निर्भर नहीं होना चाहिए। नीचे दी गई जानकारियां भी महत्वपूर्ण हैं:
– निर्माण और समाप्ति तिथि
– सामग्री सूची
– चीनी, नमक और वसा की मात्रा
– कैलोरी जानकारी
– कृत्रिम स्वाद या रंग का प्रयोग
– भंडारण विधि
– निर्माता कंपनी की विश्वसनीयता
बच्चों के लिए विशेष सावधानी क्यों?
बच्चे रंगीन पैकेट, अच्छा स्वाद और आकर्षक विज्ञापनों की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं। लेकिन अधिक चीनी, नमक या रासायनिक तत्व वाले स्नैक्स उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए माता-पिता को बच्चों के लिए सामग्री, चिह्न और पोषण विवरण पढ़कर ही उत्पाद चुनना चाहिए।
रंग समझकर जागरूक बनें
अब जब आप पैकेट फूड में लगे विभिन्न रंगीन चिह्नों का मतलब जान गए हैं, तो अगली बार खरीदारी करते समय केवल स्वाद, ऑफर्स या आकर्षक पैकेट को देखकर निर्णय न लें। उस छोटे चिह्न को भी देखें; यह छोटी सी जानकारी आपके लिए बड़ी हो सकती है। जागरूक उपभोक्ता बनना स्वस्थ जीवन की पहली सीढ़ी है।





