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पेशावर जाल्मी ने हार्डी के शानदार प्रदर्शन के साथ पाकिस्तान सुपर लिग २०२६ का खिताब जीता

पेशावर जाल्मी ने पाकिस्तान सुपर लिग २०२६ के फाइनल में हैदराबाद किंग्समैन को मात देते हुए दूसरी बार उपाधि अपने नाम की है। ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर आरोन हार्डी ने गेंदबाजी में ४ ओवर में २७ रन देकर ४ विकेट लिए और बल्लेबाजी में नाबाद ५६ रन बनाकर जीत में अहम भूमिका निभाई। हैदराबाद किंग्समैन ने सत्र के शुरूआती चार मैच हारे होने के बावजूद प्लेऑफ में प्रवेश किया और पीएसएल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है। २१ वैशाख, काठमांडू।

पेशावर जाल्मी ने रात बिताए फाइनल मुकाबले में हैदराबाद किंग्समैन को ५ विकेट से हराकर खिताब जीता। इस जीत में ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर आरोन हार्डी नायक साबित हुए। उन्होंने गेंदबाजी में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ४ ओवर में २७ रन खर्च कर ४ विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी ने हैदराबाद को केवल १२९ रन पर सीमित करने में सफलता दिलाई। यह पीएसएल फाइनल का इतिहास में सबसे कम स्कोर है।

जवाबी बल्लेबाज़ी में हार्डी ने नाबाद ३९ गेंदों में ५६ रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद ने अच्छी शुरुआत की थी। पावरप्ले में दो विकेट गिराए और ६९ रन जोड़े। टीम के लिए साइम अयूब ने ५० गेंदों में ५४ रन बनाए जबकि मार्नस लाबुशेन ने २० रन का योगदान दिया। इसके बाद किंग्समैन की पारी अचानक ढह गई।

डेथ ओवर में हार्डी ने अयूब समेत महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिससे हैदराबाद बड़ी साझेदारी नहीं बना सका और कम स्कोर पर ढेर हो गया। जवाब में पेशावर जाल्मी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। टीम ने ४० रन पर ४ विकेट गंवा दिए और दबाव में आ गई। मोहम्मद अली ने शुरुआत में महत्वपूर्ण विकेट लिया। मगर हार्डी और अब्दुल समद ने मिलकर ८५ रन की अहम साझेदारी करके मैच को जाल्मी के पक्ष में मोड़ दिया। समद ने ३४ गेंदों में आक्रामक ४८ रन बनाए जबकि हार्डी ने संयमित पारी खेली और अंत तक टिके रहे। समद के आउट होने के बाद भी जाल्मी ने अगले ओवर में ही लक्ष्य हासिल करते हुए खिताब जीता।

इस जीत के साथ पेशावर जाल्मी ने २०१७ के बाद दूसरी बार पीएसएल का खिताब जीतकर बहुविजेता टीम बनने में सफलता हासिल की। इससे पहले इस्लामाबाद यूनाइटेड और लाहौर कलंदर्स ही एक से अधिक उपाधि जीतने में कामयाब रहे हैं। पराजित होने के बावजूद हैदराबाद की यात्रा ऐतिहासिक रही, क्योंकि उन्होंने सत्र के शुरूआती चार मैच हारने के बाद भी प्लेऑफ में पहुंचकर पीएसएल इतिहास की पहली टीम बनने का रिकॉर्ड बनाया।