
समाचार सारांश
- अभिनेता एवं लेखक खगेन्द्र लामिछाने ने चलचित्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद के लिए अपनी रुचि नहीं होने की स्पष्टता व्यक्त की है।
- खगेन्द्र ने सोशल मीडिया पर फैली अध्यक्ष बनने की अफवाहों तथा उससे जुड़े वीडियो और पोस्टर पर प्रतिक्रिया दी है।
- सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से राजनीतिक नियुक्तियां समाप्त किए जाने के बाद केन्द्रीय चलचित्र जाँच समिति के तीन पदाधिकारी हटाए गए हैं।
काठमांडु। चलचित्र विकास बोर्ड के आगामी अध्यक्ष बनने की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन अभिनेता तथा लेखक खगेन्द्र लामिछाने ने खुद को इस पद के लिए इच्छुक नहीं बताया है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित यह खबर कि वे बोर्ड अध्यक्ष बनने जा रहे हैं, उस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वे कला और साहित्य के क्षेत्र में ही सक्रिय रहेंगे।
खगेन्द्र ने फेसबुक के माध्यम से अपील जारी करते हुए कहा कि उनका मन कभी भी साहित्य और कला को छोड़कर किसी अन्य क्षेत्र में नहीं जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने लेखन और रंगमंच से फिल्मों के क्षेत्र में कदम रखा है और इसी क्षेत्र में अपना जीवन बिताना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में सोशल मीडिया पर “चलचित्र विकास बोर्ड के अगले अध्यक्ष खगेन्द्र लामिछाने” की चर्चा शुरू हुई और उसके साथ संबंधित वीडियो व पोस्टर भी बनाए गए। इसके बाद उन्हें बधाई के फोन और संदेशों की भारी संख्या मिली, जिससे उन्होंने अपने सहकर्मियों और वरिष्ठों का विश्वास पाकर खुशी महसूस की।
लेकिन उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर अनावश्यक चर्चा होने पर उन्हें अफसोस भी हुआ। उन्होंने पूछा, “मुझे जिन बातों की परवाह नहीं है, उन पर ये चर्चा कैसे हुई?” और ऐसी प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता न देने का आग्रह किया।
खगेन्द्र ने बताया कि वे एक कलाकार, लेखक, निर्माता और निर्देशक के रूप में फिलहाल भी चलचित्र क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र और निर्माताओं के हित के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता चाहते थे कि वे कॉलेज में प्राध्यापक बनें, लेकिन उन्होंने कलाकार और लेखक बनने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “मेरे मन ने जो कहा, मैंने वही किया।”
सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से राजनीतिक नियुक्तियों को रद्द करने के बाद केन्द्रीय चलचित्र जाँच समिति के तीन पदाधिकारी पदमुक्त कर दिए गए हैं। लेकिन चलचित्र विकास बोर्ड की कार्यसमिति वैसे ही बनी हुई है। बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष दिनेश डीसी का कार्यकाल आने वाले भदौ तक है।





