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युकी आङदेम्बे: क्रिकेट छोड़कर एमएमए में सफल नेपाली फाइटर

नेपाली मिक्स मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर युकी आङदेम्बे ने भारत में आयोजित मेट्रिक्स फाइट नाइट (एमएफएन)-१८ में भारत के मन्दिप प्रजापती को पहले राउंड में नॉकआउट करते हुए हराया है। ग्रेटर नोएडा के विजय सिंह पाठिक इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शनिवार की रात हुए फाइनल मुकाबले में युकी ने २ मिनट ३१ सेकंड में मन्दिप को पटखनी दी, जिससे घरेलू समर्थक चुप रह गए। २७ वर्षीय युकी, जो नेपाल में जन्मे और ब्रिटेन में पले-बढ़े हैं, इस जीत के साथ नेपाल का रैंक बढ़ाने में सफल रहे।

युकी ने कहा कि एमएमए में शारीरिक साथ-साथ मानसिक मजबूती भी जरूरी है और दबाव को ऊर्जा से भरपूर प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को अपनी मेहनत और प्रेरणा का अनुसरण करने की सलाह देते हुए कहा, “यह खेल सिर्फ शारीरिक ताकत से नहीं चलता। यदि मानसिक रूप से कमजोर हो तो शारीरिक प्रदर्शन भी प्रभावित होता है।” युकी ने एमएमए के लिए पढ़ाई और खेल को साथ लेकर चलने में कठिनाइयाँ भी महसूस कीं।

युकी ने बचपन में क्रिकेट खेला, लेकिन पीठ की चोट के कारण उसे जारी नहीं रख पाए और बाद में एमएमए की ओर रुख किया। उन्होंने बताया, “स्कूल के दौरान मैं क्रिकेट खेलता था। फिर जिम जाने के बाद एमएमए में रुचि बढ़ी।” युकी के अनुसार नेपाल में एमएमए का क्रेज तेज़ी से बढ़ रहा है और नेपाली फाइटर्स का स्तर काफी बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा, “नेपाल में यह खेल काफी विकसित हो चुका है। नेपाली लोगों की डीएनए में लड़ाई होती है।”

युकी ने कहा कि वे अपने कार्य पर फोकस रखते हुए रोल मॉडल बनने के बजाय अपने फोकस को बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “जो भी आपकी मेहनत हो, उसे पूरी लगन से करना चाहिए और कठिन परिश्रम करना चाहिए।” युकी ने यह भी बताया कि इस खेल में बढ़ती दिलचस्पी से वे खुद को भाग्यशाली महसूस करते हैं।