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अर्मके झरना: पर्यटन के अवसर और चुनौतियाँ

२५ वैशाख, म्याग्दी। धवलागिरी गाउँपालिका-४ में स्थित अर्मके झरना वर्तमान में नजरअंदाज हो गया है। धौलागिरी चक्रीय पदमार्ग की अंतिम मानव बस्ती बगर जेल्तुङ के पास यह झरना प्रबंधन, अवसंरचना और प्रचार की कमी के कारण कई पर्यटकों की पहुँच से दूर है। अर्मके झरना खूबसूरत और आकर्षक है, जहाँ ऊँचे पहाड़ की तलहटी से दो स्तरों में गिरने वाला जल म्याग्दी नदी में मिल जाता है। झरने की तलहटी में लगभग २०० मीटर ऊँचा तालाब और उसके किनारे प्राकृतिक गर्म पानी का कुंड है।

पर्यटक झरने को दूर से निहारते और तस्वीरें लेते हैं, लेकिन यह स्थान सुनसान रहता है। धवलागिरी गाउँपालिका-४ के वडा सदस्य हरिप्रसाद तिलिजा ने झरना और गर्म पानी के कुंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा, “म्याग्दीखोला जलविद्युत परियोजना के पहुँच मार्ग निर्माण के दौरान हाल ही में अर्मके झरना के नजदीक सड़क पहुँची है। सड़क सुविधा के साथ ही अर्मके झरना में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।”

वर्तमान में सर्दियों के मौसम में लकड़ी के अस्थायी पुल और डाइवर्सन सड़क मार्ग से झरने की तलहटी और गर्म पानी के कुंड तक पहुँचा जा सकता है। बरसात के मौसम में झरने का पानी उड़कर कुंड की लकड़ी को गीला करने और सड़ने की समस्या देखने को मिलती है। जेल्तुङ से १० मिनट पैदल और ५ मिनट वाहन यात्रा के बाद अर्मके झरना और गर्म पानी के कुंड तक पहुँचा जा सकता है। जमीन के नीचे से ५० डिग्री सेल्सियस तापमान वाले गर्म पानी में स्नान करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में राहत मिलने की उम्मीद है। बगर होते हुए धौलागिरी हिमाल की चढ़ाई और चक्रीय धौलागिरी पदयात्रा पर जाने वाले पर्यटकों को गर्म पानी और झरने का आनंद लेने का अवसर मिलेगा तथा उनकी यात्रा के दौरान सहूलियत भी प्रदान होगी।