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मोहनविक्रम सिंह ने कहा कि संविधान संशोधन शासक वर्ग के स्वार्थों के अनुरूप हो रहा है

नेकपा (मसाल) के महामंत्री मोहनविक्रम सिंह ने कहा है कि संविधान संशोधन शासक वर्ग के स्वार्थों के अनुरूप होता जा रहा है। उन्होंने संविधान संशोधन पर आयोजित बहस कार्यक्रम में कहा कि संविधान संशोधन राष्ट्रीय आवश्यकता के बजाय शासक वर्ग के निहित स्वार्थों और सत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। 26 वैशाख, काठमाडौं।

महामंत्री सिंह ने देश की ऐतिहासिक आवश्यकता और जनहित को ध्यान में रखते हुए संविधान संशोधन की बात की, लेकिन वर्तमान सरकार पर फासिस्ट स्वरूप को संस्थागत बनाने के लिए संशोधन का रास्ता अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि संविधान संशोधन नेपाल का आंतरिक विषय है, फिर भी इस प्रक्रिया में विदेशी शक्तियों का हस्तक्षेप होना अवांछित और गंभीर मामला है।

सिंह ने नेपाल के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप को देश की सार्वभौमिकता पर प्रश्न उठाने वाला बताया। उन्होंने कहा, ‘देश की राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुसार संविधान का निर्माण या संशोधन होना चाहिए, लेकिन कई बार शासक वर्ग अपने स्वार्थों के अनुसार कानून बना लेता है। वर्तमान सरकार फासिस्ट रूप धारण करती जा रही है और इसे पूर्णता देने के लिए संविधान संशोधन किया जा रहा है या नहीं, यह एक गंभीर प्रश्न है।’