
फेडरलिज़्म एंड लोकेलाइजेशन सेंटर ने संविधान संशोधन में संघवाद को सशक्त बनाने और प्रदेश संरचना को अधिक अधिकार देने के विषय में चर्चा की है। सरकार द्वारा गठित कार्यदल के सदस्य मोहनलाल आचार्य ने बताया कि सभी विषयों पर खुली चर्चा कर संशोधन का मसौदा तैयार किया जाएगा। मधेश के पूर्व मुख्यमंत्री लालबाबु राउत ने प्रदेश पुलिस अधिनियम बनाने में डर और धमकियों का सामना करने का उल्लेख करते हुए कहा कि संघवाद “अनवांटेड बेबी” बन गया है। 27 वैशाख, काठमांडू।
फेडरलिज़्म एंड लोकेलाइजेशन सेंटर (एफएलसी) के नेतृत्व में संविधान संशोधन से जुड़ी विषयों पर चर्चा हुई। आगामी दिनों में संविधान संशोधन करते समय संघवाद को मजबूत करना और प्रदेश संरचनाओं को अधिकार सम्पन्न बनाना आवश्यक बताया गया। एफएलसी ने सरकार के कार्यदल और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ रविवार को हुई बैठक में यह दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
अंतरक्रिया में भाग लेने वालों ने कहा कि वर्तमान संविधान में संघवाद प्रमुख राजनीतिक उपलब्धि है, लेकिन अधिकार सम्पन्न न होने के कारण प्रदेश संरचनाएँ प्रभावी नहीं हो पा रही हैं। इसलिए संविधान संशोधन के दौरान प्रदेश संरचनाओं को अधिक अधिकार देकर उन्हें जनउत्तरदायी बनाना आवश्यक है। “संविधान संशोधन में संघवाद: प्रदेश संरचना की समस्या” विषय पर विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी राय दी।
कार्यदल सदस्य आचार्य ने बताया कि सभी विषयों पर खुली चर्चा करते हुए संशोधन का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सभा सदस्यों और मंत्रालयों की संख्या कम करने तथा चुनाव प्रणाली की कमियों को सुधारने पर भी चर्चा हो रही है। नेकपा नेता देव गुरुङ ने कहा कि संविधान के आधारभूत विषयों में बदलाव अस्वीकृत होगा, इसलिए राष्ट्रीय सहमति बनानी होगी।





