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पहले अध्यादेश का विरोध करने वाले अब खुद ला रहे हैं – कोशी प्रदेश सरकार का फैसला

समाचार सारांश

  • कोशी प्रदेश सरकार ने बजट अधिवेशन से पहले अध्यादेश जारी करने का निर्णय लिया है।
  • प्रदेश खेलकूद कानून में पहला संशोधन करते हुए अध्यादेश 2083 लाने की तैयारी है।
  • प्रदेश प्रमुख सरकार की सिफारिश पर अध्यादेश जारी करेंगे, जिससे सदस्यसचिव नियुक्ति प्रक्रिया सरल होगी।

28 वैशाख, विराटनगर। कोशी प्रदेश सरकार ने अध्यादेश जारी करने का निर्णय लिया है। बजट अधिवेशन के लिए संसद बुलाने के समय के करीब आते ही सोमवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया।

सरकार ने प्रदेश खेलकूद कानून में पहला संशोधन करते हुए अध्यादेश 2083 जारी करने का निर्णय भी लिया है। यह अध्यादेश प्रदेश सरकार की सिफारिश पर प्रदेश प्रमुख जारी करेंगे।

बालेन शाह के नेतृत्व वाली संघीय सरकार द्वारा संसद अधिवेशन रोककर अध्यादेश जारी किए जाने का कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री हिक्मत कुमार कार्की ने पहले विरोध किया था। लेकिन अब उनके नेतृत्व वाली सोमवार की मंत्रिपरिषद बैठक ने अध्यादेश लाने का निर्णय लिया है।

‘सरकार को आवश्यकता अनुसार अध्यादेश लाने का संवैधानिक अधिकार है,’ उन्होंने अपने सामाजिक मीडिया में सरकार के इस फैसले के विरोध पर लिखा था, ‘लेकिन विपक्ष में रहते हुए जोरदार विरोध करना और सरकार बनने के बाद संसद बैठक रोककर अगले दिन ही अध्यादेश लाना अपरिपक्व और गैरजिम्मेदाराना है।’

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और आंतरिक मामिला व कानून मंत्री इन्द्रमणि पराजुली के अनुसार, सरकार के कामकाज को प्रभावी बनाने के लिए अध्यादेश जारी करने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश खेलकूद बोर्ड के सदस्यसचिव का पद पिछले कात्तिक से रिक्त है। रिक्त पद पर नई सदस्यसचिव नियुक्ति प्रक्रिया और बजट खर्च को सुगम बनाने के लिए अध्यादेश लाने का फैसला किया गया है, सूत्रों ने बताया।

‘यह बजट क्रियान्वयन का समय है। सदस्यसचिव नियुक्ति में कुछ समस्याएं आ रही थीं, जिसके कारण बजट क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा था,’ मंत्री पराजुली ने कहा, ‘इसलिए फास्ट ट्रैक के तहत काम को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।’

सोमवार की बैठक में विपद् खोज, उद्धार तथा राहत वितरण से जुड़ी कार्यविधि 2083, कृषि क्षेत्र विकास के लिए प्रदेश बीज-बिजन नियमावली 2083, और प्रदेश जीवनाशक विष पदार्थ प्रबंधन नियमावली 2083 को भी मंजूरी दी गई।

बैठक ने उद्योग, कृषि तथा सहकारी मंत्रालय के अधीन निकायों के लिए अस्थाई दरबंदी को मंजूरी देने के साथ ही वृहत विराट क्षेत्र विकास समिति के मुख्य कार्यकारी निर्देशक के चयन के लिए सिफारिश समिति गठित करने का भी निर्णय लिया।