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तेह्रथुम के लालीगुराँस नगरपालिका ने बाँदर नियंत्रण के लिए सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की

३० वैशाख, तेह्रथुम । तेह्रथुम के लालीगुराँस नगरपालिका ने बाँदर नियंत्रण हेतु जेठ १ को दिन सार्वजनिक अवकाश देने का निर्णय लिया है। नगरपालिका के अनुसार, बाँदर को सीमाबद्ध करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी आवश्यक होने के कारण यह सार्वजनिक अवकाश आवश्यक माना गया है। नगरपालिका प्रमुख अर्जुन माबोहाङ द्वारा जारी सूचना में कहा गया है, ‘बाँदर को धपाने के लिए बड़ी संख्या में जनशक्ति चाहिए, इसलिए जेठ १, शुक्रवार को अपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सेवाएं बंद कर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।’

नगरपालिका प्रमुख माबोहाङ ने बताया कि बाँदर की समस्या सतह पर सामान्य प्रतीत हो सकती है, लेकिन इसका प्रभाव कृषक समुदाय पर व्यापक रूप से पड़ा है। बाँदर के कारण कृषि उपज की सुरक्षा के लिए किसानों को दिन-रात खेतों की रक्षा करनी पड़ रही है, जिसकी वजह से कई बच्चे विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए लालीगुराँस नगरपालिका ने चालू आर्थिक वर्ष २०८२/०८३ के स्वीकृत बजट के तहत ‘कृषि में बाँदर द्वारा हुए नुकसान की कमी’ कार्यक्रम शुरू किया है।

नगरपालिका ने वडा नं ८ के मेघा पुच्छार, वडा नं ६ और ८ के संगमस्थल नागेश्वरी एवं वडा नं ५ के सिंथापा पुच्छार क्षेत्रों में अस्थायी संरचनाओं के साथ बाँदर हेरालुओं को तैनात किया है। विशेषकर जंगल के निकट बसे इलाकों में बाँदर की समस्या गंभीर है। नगरपालिका प्रमुख माबोहाङ ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर दीर्घकालीन समाधान आवश्यक है, लेकिन तत्काल के लिए स्थानीय तह ने अपनी संसाधनों का उपयोग करके किसानों को राहत देने का प्रयास शुरू कर दिया है। बाँदर नियंत्रण और खेती की रक्षा के लिए जेठ १ और २ की तारीखों में ‘बाँदर लखेटी नगरपालिका सीमा काटने’ विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसकी जानकारी लालीगुराँस नगरपालिका-७ के वडाध्यक्ष एवं प्रवक्ता देवेन्द्र खडक ने दी। इस बाँदर लखेटी अभियान में किसान, जनप्रतिनिधि, कर्मचारी और स्थानीय नागरिकों से सक्रिय सहभागिता की अपील की गई है।