
फीफा विश्व कप 2026 के समूह ‘सी’ में ब्राजील, मोरक्को, हैती और स्कॉटलैंड हैं, जिन्हें बेहद प्रतिस्पर्धात्मक समूह माना जाता है। ब्राजील अपनी छठी विश्व कप ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य रखता है, लेकिन अन्य टीमें उपसेट करने की संभावना भी रखती हैं। मोरक्को ने 2022 में सेमीफाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचा था। 1 जेठ, काठमांडू।
फीफा विश्व कप 2026 के अंतर्गत समूह ‘सी’ में मजबूत टीम ब्राजील के साथ मोरक्को, हैती और स्कॉटलैंड भी हैं। इस समूह को विश्व कप 2026 का सबसे रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक समूह माना जा रहा है। दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, उत्तर अमेरिका और यूरोप की अलग-अलग फुटबॉल शैली वाली चार टीमें एक ही समूह में होने के कारण यहां की प्रतिस्पर्धा अत्यंत रोचक दिखती है। पांच बार विश्व चैंपियन ब्राजील स्वाभाविक रूप से समूह का सबसे दमदार दावेदार है।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में शानदार प्रदर्शन करने वाला मोरक्को, पहली बार बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ने का इच्छुक हैती और लंबे समय बाद विश्व कप में वापसी करने वाला स्कॉटलैंड समूह को और भी खुला बना रहा है। इसलिए समूह ‘सी’ के प्रत्येक मैच निर्णायक साबित हो सकते हैं। ब्राजील ने दक्षिण अमेरिकी क्वालीफायर्स में आसानी से विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया है और वह बड़े खिताब का दावेदार है।
ब्राजील ने हर विश्व कप संस्करण में हिस्सा लिया है। आक्रमण में गहराई, तकनीकी कौशल और विश्व स्तरीय खिलाड़ियों की उपस्थिति टीम को मज़बूती देती है। नए तथा अनुभवी खिलाड़ियों के मेल ने ब्राजील को और भी खतरनाक बना दिया है। विश्व फुटबॉल में सबसे सफल राष्ट्र के रूप में पहचाने जाने वाला ब्राजील इस बार छठा विश्व कप खिताब जीतने का लक्ष्य रखता है।
मोरक्को ने अफ्रीकी क्वालीफायर्स में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए लगातार विश्व कप में जगह बनाई है। 2022 में सेमीफाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचने वाली टीम का आत्मविश्वास उच्च है। मजबूत रक्षात्मक पंक्ति, अनुशासित खेल और तेज काउंटर अटैक इसकी मुख्य ताकत हैं। यूरोप की शीर्ष लीगों में खेलने वाले अनुभवी खिलाड़ी टीम को और अधिक मजबूत बनाते हैं।
हैती ने उत्तर एवं मध्य अमेरिकी क्वालीफायर्स पार करते हुए लंबे इंतजार के बाद विश्व कप में जगह बनाई है। यह टीम के लिए विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपनी योग्यता दिखाने का बड़ा अवसर है। हैती यह विश्व कप दूसरी बार खेल रही है।
स्कॉटलैंड ने यूरोपीय क्वालीफायर्स पार कर लंबे अंतराल के बाद विश्व कप में वापसी की है। परंपरागत रूप से लड़ाकू और अनुशासित टीम मानी जाने वाली स्कॉटलैंड ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय सुधार किया है। टीम में यूरोप की शीर्ष लीगों में खेलने वाले खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।





