सर्वोच्च अदालत ने नेपाल इन्भेस्टमेन्ट मेगा बैंक के सीईओ ज्योति पाण्डेलाई जमानत पर रिहाई का आदेश दिया

सर्वोच्च अदालत ने नेपाल इन्भेस्टमेन्ट मेगा बैंक के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ज्योति पाण्डेलाई जमानत के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश सरंगा सुवेदी और शान्तिसिंह थापा की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता की मौजूदगी में जांच करने की अनुमति प्रदान की है। अदालत ने कहा कि हिरासत में रखकर जांच करने की आवश्यकता नहीं है और इसलिए बंदी प्रत्यक्षीकरण का आदेश जारी किया है।
१ जेठ, काठमाडौं। सर्वोच्च अदालत ने नेपाल इन्भेस्टमेन्ट मेगा बैंक लिमिटेड के सीईओ ज्योति पाण्डेलाई जमानत में रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायाधीशों की पीठ ने निर्देश दिया कि उन्हें किसी वरिष्ठ अधिवक्ता की निगरानी में जमानत पर छोड़कर जांच की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पाण्डे देश छोड़ना चाहें तो कोर्ट की अनुमति लेना आवश्यक होगा, अन्यथा वे विदेश नहीं जा सकते।
अदालत ने हिरासत में रखकर जांच करने की अनिवार्यता न देखी और इसलिए बंदी प्रत्यक्षीकरण का आदेश दिया। पाण्डेलाई गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखने का आरोप उनकी पत्नी निरु दाहाल ने सर्वोच्च अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के माध्यम से लगाया था। सीआइबी ने स्मार्ट टेलिकम की संपत्ति लीलामी बेचते हुए आपराधिक विश्वासघात सहित अन्य आरोपों के तहत पाण्डेलाई गिरफ्तार किया था। बैंक तथा वित्तीय संस्थाओं ने राजनीतिक पक्षपात के कारण गिरफ्तारी किए जाने का विरोध व्यक्त किया था।





