नेपाल ने छह बार ईंधन की कीमत बढ़ाई, भारत में पहली बार मूल्य वृद्धि की सूचना

समाचार संक्षेप
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद भारत में चार वर्षों में पहली बार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की गई है। नेपाल ने अब तक आधा दर्जन बार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बढ़ाते हुए पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 217 रुपए कर दी है। भारत सरकार ने ईंधन की खपत कम करने के लिए मितव्ययिता योजना लागू की है और प्रधानमंत्री मोदी ने अनावश्यक यात्रा रोकने का आग्रह किया है।
1 जेठ, काठमांडू। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के कारण शुरू हुए युद्ध को कारण मानते हुए भारत में पहली बार पेट्रोलियम उत्पादों की मूल्य वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के कारण हुए घाटे की भरपाई के लिए भारत में चार वर्षों के बाद पहली बार यह मूल्य वृद्धि की गई है, जिसका उल्लेख भारत के डीलरों का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने किया है। लेकिन, ईंधन पर भारत पर निर्भर नेपाल ने इस दौरान कम से कम आधा दर्जन बार कीमत वृद्धि कर दी है। वर्तमान में नेपाल में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 217 रुपए, डीजल व मट्टी तेल की 225 रुपए और गैस सिलेंडर की कीमत 2160 रुपए निर्धारित है।
इससे पहले 2 वैशाख को नेपाल ऑयल निगम ने पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 219 रुपए, डीजल और मट्टी तेल 237 रुपए तथा गैस सिलेंडर 2010 रुपए तय की थी। भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के खुदरा मूल्य में प्रति लीटर 3 रुपए (करीब 3 प्रतिशत) की वृद्धि की है। विश्व के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता देश भारत ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के कारण शुरू हुए युद्ध के चलते इंधन मूल्य बढ़ाने वाला आखिरी प्रमुख आर्थिक मंच बन गया है।





