
३ जेठ, हुम्ला। वर्षा ऋतु की शुरुआत के साथ ही मानसरोवर कैलाश दर्शन के लिए आने वाले भारतीय धार्मिक पर्यटकों की संख्या सिमकोट में उल्लेखनीय रूप से बढ़ने लगी है। सत्र के आरंभ से ही नेपालगंज से हवाई मार्ग के माध्यम से जिले के मुख्यालय सिमकोट में उतरकर पर्यटक हिल्सा मार्ग से चीन के मानसरोवर कैलाश पर्वत दर्शन के लिए आ रहे हैं। केवल चार दिनों में ही १६९ तीर्थयात्रियों ने सिमकोट पहुंच बनाए हैं। सिमकोट हवाईअड्डे के प्रमुख महेन्द्र सिंह के अनुसार, मानसरोवर कैलाश दर्शन के लिए हुम्ला होते हुए आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या १६९ दर्ज की गई है।
उनके अनुसार, वैशाख ३० से चार दिनों के भीतर १४७ भारतीय तीर्थयात्री और २२ अन्य देशों के पर्यटक सिमकोट पहुंचे हैं। प्रतिकूल मौसम के बावजूद शनिवार को समिट एयर की तीन उड़ानों से ४७ तीर्थयात्रियों ने सिमकोट पहुंच बनाई। इनमें से २३ तीर्थयात्रियों के पास कैलाश मानसरोवर जाने की परमिट नहीं होने के कारण उन्हें सिमकोट में रुकना पड़ा। गत चैत २१ के मन्त्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश था, और परमिट न मिलने के कारण २३ भारतीय तीर्थयात्री सिमकोट में ठहरे हैं।
मानसरोवर कैलाश दर्शन के लिए आने वाले भारतीय धार्मिक पर्यटकों की आवक शुरू होने के बाद से चार दिनों के आंकड़े को देखते हुए इसमें और वृद्धि की उम्मीद है। विसं २०७२ के महाभूकंप के बाद से ही हिल्सा नाका के जरिए भारतीय पर्यटक आने लगे थे। हालांकि कोविड-१९ महामारी के कारण हिल्सा नाका बंद हो गया था, जिससे पर्यटकों की आवागमन में बाधा आई। पिछले वर्ष से चीन ने भारतीय पर्यटकों को हिल्सा नाका के माध्यम से मानसरोवर कैलाश यात्रा की अनुमति दी, जिसके बाद पिछले वर्ष के चार महीनों में लगभग ६५०० भारतीय पर्यटकों ने धार्मिक यात्रा की। इस वर्ष वैशाख ३० को पहली बार तीर्थयात्रियों ने सिमकोट पहुंच बनायी।
