
३ जेठ, सिद्धार्थनगर (भैरहवा)। चालू आर्थिक वर्ष समाप्ति में अभी दो माह शेष होने के बावजूद लुम्बिनी प्रदेश सरकार बजट क्रियान्वयन में धीमी गति से प्रगति कर रही है। योजना तथा विकास निर्माण का प्रभावकारी संचलन न होने के कारण प्रदेश सरकार ने अपने कुल खर्च की प्रगति ४० प्रतिशत से कम बनाए रखी है। अधिकांश मंत्रालयों ने आवंटित बजट का आधा हिस्सा भी खर्च नहीं किया है, जो आंकड़ों से स्पष्ट हुआ है।
प्रदेश सरकार ने चालू आर्थिक वर्ष के लिए पुँजीगत पक्ष हेतु २३ अरब ४७ करोड़ १४ लाख ६५ हजार ५९२ रुपये और चालू पक्ष हेतु १५ अरब ४३ करोड़ ८५ लाख ३५ हजार सहित कुल ३८ अरब ८१ करोड़ रुपये बजट विनियोजित किया था। वर्ष के १० महीने पूर्ण होने तक कुल बजट का मात्र ३९.९१ प्रतिशत ही खर्च हो पाया है। विशेषकर विकास सम्बंधित बजट खर्च में कमी देखी जा रही है।
प्रदेश लेखा नियंत्रक कार्यालय के अनुसार वैशाख मसांत तक चालू और पुँजीगत खर्च मिलाकर प्रदेश सरकार ने १३ अरब ७९ करोड़ ९१ लाख ८५ हजार ९४२ रुपये खर्च किए हैं। मुख्यमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय ने १० महीनों में मात्र २६.६६ प्रतिशत, अर्थात् १३ करोड़ ३७ लाख ८३ हजार रुपये खर्च किए हैं। युवा तथा खेलकूद मन्त्रालय ने ६ करोड़ ८ लाख ६१ हजार रुपये बजट में से केवल १६.३४ प्रतिशत खर्च किया है।
