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आर्थिक रूपांतरण के लिए बजट प्रस्तुत करने को अर्थमंत्री को संघ का सुझाव

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट को आर्थिक रूपांतरण के उद्देश्य से प्रस्तुत करने का सुझाव दिया है। महासंघ ने कर नीति को स्थिर बनाने और अधिकार सम्पन्न राजस्व बोर्ड के गठन की आवश्यकता बताई है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने रूपांतरणशील बजट लाने और निजी क्षेत्र को मुख्य साझेदार मानते हुए आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई है। ३ जेठ, काठमांडू।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट को आर्थिक रूपांतरणकारी बनाकर प्रस्तुत करने हेतु अर्थमंत्री को सुझाव दिया है। रविवार को अर्थ मंत्रालय में अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले को बजट संबंधी सुझाव देते हुए महासंघ ने इस बजट को सिर्फ एक सामान्य वार्षिक दस्तावेज न मानते हुए नेपाल के आर्थिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में आगे बढ़ाने का आग्रह किया। महासंघ ने कहा कि इस बजट के तहत अर्थव्यवस्था के वर्तमान मॉडल में व्यापक बदलाव लाना आवश्यक है।

महासंघ ने घटते व्यावसायिक मनोबल को सुधारने, बाजार में मांग सृजन करने, रुकी हुई निवेश को पुनः आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए बजट में नीतिगत सुधारों की जरूरत बताई है। महासंघ के अध्यक्ष अंजन श्रेष्ठ ने हाल ही में जारी ‘६ स्तंभ, ६० पहल’ वाली साझा राष्ट्रीय रूपरेखा की सरकार के नीति तथा कार्यक्रम को मजबूत समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रवास और आयात पर आधारित अर्थव्यवस्था दीर्घकालिक समृद्धि प्रदान करने में सक्षम नहीं है, इसलिए रूपांतरणकारी बजट के आने पर निजी क्षेत्र आशावादी है।

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक सुधार के लिए रूपांतरणकारी बजट लाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने सरकार की निजी क्षेत्र को मुख्य साझेदार मानते हुए तेजी से कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता को प्रकट करते हुए महासंघ के प्रतिनिधिमंडल से आशावादी बने रहने का आग्रह किया। महासंघ ने बताया कि देश की औद्योगिक उत्पादन क्षमता वर्तमान में ४० प्रतिशत तक सीमित है, निर्माण क्षेत्र अब तक के सबसे कठिन दौर में है, और कुल घरेलू पूंजी निर्माण में निजी क्षेत्र का योगदान पिछले चार वर्षों में २८ प्रतिशत से घटकर १६ प्रतिशत हो गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए बजट को रूपांतरणकारी बनाना अति आवश्यक है।