कणों की टक्कर से स्ट्रिंग थ्योरी का रहस्य खुला, वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के मौलिक नियम होने का दावा किया

ब्रह्मांड की सबसे छोटी इकाइयों की व्याख्या करने वाली जटिल ‘स्ट्रिंग थ्योरी’ केवल गणितीय कल्पना नहीं बल्कि वास्तविकता में मौजूद ब्रह्मांड के अंतर्निहित नियम हो सकती है, इस बात के संकेत वैज्ञानिकों को मिले हैं। कैलटेक के भौतिक वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन ने ब्रह्मांड के अंदर स्ट्रिंग थ्योरी के अस्तित्व को आवश्यक बताया है। शोधकर्ताओं ने प्रारंभ में स्ट्रिंग के अस्तित्व को मानने के बजाय केवल उच्च ऊर्जा में कणों के व्यवहार के कुछ सामान्य नियमों पर आधारित गणितीय समीकरणों को हल करना शुरू किया था, लेकिन इन समीकरणों ने स्वयं ही स्ट्रिंग थ्योरी की मुख्य विशेषताएं और सुराग पेश किए, जिससे वे चकित रह गए।
भौतिकी में लंबे समय से सब-एटॉमिक कणों को नियंत्रित करने वाली ‘क्वांटम मेकैनिक्स’ और ब्रह्मांड की विशाल संरचना तथा गुरुत्वाकर्षण की व्याख्या करने वाले आइंस्टाइन के ‘जनरल रिलेटिविटी’ के बीच समन्वय नहीं हो पाया है। क्वांटम स्तर पर गुरुत्वाकर्षण को शामिल करने पर समीकरण अनंत की ओर प्रवृत्त होकर विफल हो जाते हैं। 1960 के दशक में प्रचलित हुई स्ट्रिंग थ्योरी इसका समाधान प्रस्तुत करती है और मानती है कि ब्रह्मांड के सभी कण बिंदु आकार के नहीं बल्कि अत्यंत सूक्ष्म तनाव या स्ट्रिंग्स की तरह कंपन करते हैं, तथा गुरुत्वाकर्षण वहन करने वाले काल्पनिक ‘ग्रेविटोन’ भी इन्हीं कंपन से उत्पन्न होते हैं।
इस थ्योरी को प्रमाणित करने के लिए विशाल ‘पार्टिकल कोलाइडर’ की आवश्यकता होती है जिसके अभाव में वर्तमान तकनीक यह कार्य नहीं कर सकी है, इसलिए वैज्ञानिकों ने प्रकृति के मूलभूत सिद्धांतों से यह देखने की विधि अपनाई कि कौन से नियम स्वयं प्रकट होते हैं, जिसे ‘बूटस्ट्रैप’ कहा जाता है। ‘फिजिकल रिव्यू लेटर्स’ में प्रकाशित ‘Strings from Almost Nothing’ शीर्षक के अध्ययन में कैलटेक, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय और बार्सिलोना के इंस्टीट्यूट डे फिजिका डी अल्टेस एनर्जियास के शोधकर्ताओं ने कणों के टकराव और अपक्षय से जुड़े कुछ सामान्य मानदंडों का प्रयोग किया। कैलटेक के सैद्धांतिक भौतिकी के प्रोफेसर क्लिफर्ड च्यूंग के मुताबिक, उन्होंने स्ट्रिंग के किसी पूर्वानुमान के बिना समीकरणों को हल किया, जिसमें स्वतः ही स्ट्रिंग थ्योरी के आधार उभरे।
यह नया गणितीय मॉडल क्वांटम गुरुत्वाकर्षण में सामने आने वाली अनंतता की समस्या ‘अल्ट्रासॉफ्टनेस’ गुण के माध्यम से सुलझाता है। उच्च ऊर्जा पर स्ट्रिंग्स इंटरैक्शन को फैलाती हैं जिससे समीकरण बिगड़ने से बचते हैं। शोध दल ने इसी अल्ट्रासॉफ्ट व्यवहार और एक अन्य गणितीय गुण ‘मिनिमल जीरोस’ के आधार पर गणना के दौरान स्ट्रिंग थ्योरी से संबंधित कणों के द्रव्यमान और स्पिन की अनंत श्रृंखला स्वयं उत्पन्न देखी, जो न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के सह-लेखक ग्रांट एन. रेम्मन ने बताई। अमेरिकी ऊर्जा विभाग और विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के वित्तीय सहयोग से सम्पन्न यह खोज दशकों पुराने बूटस्ट्रैप सिद्धांत को आधुनिक उपकरण के माध्यम से पुनर्जीवित करते हुए ब्रह्मांड के अंतिम सत्य की खोज में नई दिशा प्रदान कर रही है।
