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समूह ‘जी’: अप्रत्याशित परिणाम दिए सक्ने समूह

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तैयार।

  • फीफा विश्वकप 2026 के समूह ‘जी’ में बेल्जियम, मिस्र, ईरान और न्यूजीलैंड शामिल हैं।
  • इस समूह को अनुभव, रणनीति और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा माना जा रहा है।
  • बेल्जियम के कोच रुडी गार्सिया आक्रामक खेल शैली अपनाकर ट्रॉफी जीतने का प्रयास कर रहे हैं।

6 जेठ, काठमांडू। फीफा विश्वकप 2026 के तहत समूह ‘जी’ में बेल्जियम, मिस्र, ईरान और न्यूजीलैंड शामिल हैं। इस समूह को अनुभव, रणनीति और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा माना जा रहा है।

यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ओशिनिया के चार अलग-अलग शैली के दल एक ही समूह में होने की वजह से प्रतिस्पर्धा बहुत ही रोचक होने वाली है।

समूह का स्पष्ट फेवरेट बेल्जियम है, लेकिन मोहम्मद सलाह के नेतृत्व में मिस्र, हमेशा अनुशासित और मजबूत प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले ईरान, और लंबे अंतराल के बाद विश्वकप में लौटे न्यूजीलैंड ने समूह को खुला बनाया है।

शीर्ष स्थान के लिए बेल्जियम अग्रणी दिखता है, फिर भी दूसरे स्थान की लड़ाई अंतिम मैच तक जारी रहने का अनुमान है।

बेल्जियम

पिछले एक दशक में बेल्जियम की ‘गोल्डेन जेनरेशन’ ने विश्वकप ट्रॉफी का सवाल हमेशा उठाए रखा, लेकिन वह ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हो पाई। अब 2026 में बेल्जियम एक नए ‘ट्रांजिशन फेज’ में है।

केविन डी ब्रूइने और रोमेलु लुकाकू जैसे अनुभवी खिलाड़ी अंतिम विश्वकप में हैं, वहीं जैरेमिक डोकू, लोइस ओपेंडा और चार्ल्स डी केटेलायर जैसे युवा सितारे टीम की नई ऊर्जा हैं।

कोच रुडी गार्सिया 4-3-3 और 4-2-3-1 के बीच आसानी से परिवर्तन करते हुए आक्रामक, हाई प्रेसिंग स्टाइल अपना रहे हैं। पहले हमेशा उपाधि के अंडरडॉग रहे बेल्जियम इस बार अलग तरीके से खेलने की कोशिश करेगा।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम – तीसरा स्थान (2018), अंतिम भागीदारी – 2022

मिस्र

मिस्र अपनी इतिहास में चौथी बार और 2018 के बाद पहली बार विश्वकप में लौटा है। कोच हुसाम हसन के लिए यह खास यात्रा है, क्योंकि वे खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में मिस्र को विश्वकप में पहुँचाने वाले पहले व्यक्ति हैं।

चयन में 10 मैच अपराजित रहते हुए केवल दो गोल खाए मिस्र ने अपनी ताकत दिखाई। टीम का ढांचा रक्षात्मक अनुशासन पर आधारित है, जहाँ मोहम्मद सलाह और उमर मरमाउश को काउंटर अटैक में प्रयोग किया जाता है।

जब हमला तालमेल में होगा, तो मिस्र समूह की सबसे बड़ी ‘अपसेट’ टीम बन सकती है।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम – समूह चरण (1934, 1990, 2018), अंतिम भागीदारी – 2018

ईरान

ईरान लगातार चौथे विश्वकप में खेल रहा है और एशिया की सबसे स्थिर टीमों में से एक माना जाता है। कोच अमीर घालेनोई की टीम ने क्वालिफिकेशन में 16 मैचों में केवल एक मैच खोया है, जो उनकी निरंतरता दिखाता है।

महेदी तरीमी टीम के मुख्य गोलस्कोरर और आक्रमण के केंद्र हैं। लेकिन सरदार अजमुन के अनुपस्थिति में टीम के आक्रमण पर दबाव बढ़ा है। ईरान की खेलने की शैली पूरी तरह परिणाममुखी है।

रक्षात्मक अनुशासन, मजबूत मिडफील्ड और तेज काउंटर अटैक इसके मुख्य हथियार हैं। रचनात्मकता सीमित होने के बावजूद, मुश्किल मैचों में ईरान को हराना आसान नहीं होता।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम – समूह चरण, अंतिम भागीदारी – 2022

न्यूजीलैंड

‘ऑल व्हाइट्स’ यानी न्यूजीलैंड 2010 के बाद पहली बार विश्वकप में लौटा है। ओशिनिया में क्वालिफिकेशन में पूरी दबदबा बनाकर न्यूजीलैंड ने सभी पांच मैच जीते और केवल एक गोल खाया।

कोच डैरेन बाजली की टीम शारीरिक ताकत, संगठन और कप्तान क्रिस वुड की व्यक्तिगत क्षमताओं पर निर्भर है। 2010 में तीनों मैच ड्रॉ लेकर अपराजित रहना इसकी विश्वकप इतिहास की बड़ी उपलब्धि है।

इस बार भी न्यूजीलैंड की रणनीति रक्षात्मक ब्लॉक और सीधा हमला होगी। कमजोर समझे जाने के बावजूद बिना दबाव खेले वो खतरनाक हो सकते हैं।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम – समूह चरण (1982, 2010), अंतिम भागीदारी – 2010