
सर्लाही के मलंगवा नगरपालिका–७ स्थित बडकी पोखरी के सौंदर्यीकरण कार्य की शुरुआत आर्थिक वर्ष २०७६/७७ में मधेश प्रदेश सरकार द्वारा की गई थी। पोखरी सौंदर्यीकरण के लिए २०७७ असोज में ६ करोड़ १२ लाख ९३ हजार ३५५ रुपए में समझौता हुआ था, लेकिन अब तक केवल २३.५८ प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। स्थानीय निवासी बार-बार समय अवधि बढ़ाए जाने के बावजूद कार्य अधूरा रहने और सरकार तथा निर्माण कंपनी के प्रति असंतोष व्यक्त कर चुके हैं।
बडकी पोखरी मुसैली कई वर्षों से स्थानीय लोगों के धार्मिक आस्था, सामाजिक मेलजोल और गतिविधियों का केंद्र रहा है। विशेष रूप से छठ पर्व के दौरान यहां श्रद्धालुओं का जमघट लगना आम बात है। आर्थिक वर्ष २०७६/७७ में मधेश प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमन्त्री स्वच्छता अभियान’ के तहत पोखरी के सौंदर्यीकरण की योजना प्रस्तुत की, जिससे स्थानीयों में भारी उत्साह देखा गया। लेकिन कार्य शुरू हुए लगभग ६ वर्ष बीत जाने के बाद भी पोखरी का सौंदर्यीकरण अधूरा है।
विद्यालय की आमदनी भी प्रभावित हुई है। पोखरी स्थानीय श्री बौधीदेवी जनता माध्यमिक विद्यालय के स्वामित्व में है। विद्यालय सालाना मछली पालन के लिए पोखरी को ठेके पर दिया करता था। सौंदर्यीकरण कार्य शुरू होने से पहले पोखरी मछली पालन के लिए ५ वर्षों के लिए १ करोड़ १७ लाख रुपए में ठेका दिया गया था। प्रधानाचार्य दिवेन्द्र दुबे ने बताया कि विद्यालय को प्रति वर्ष २० लाख रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है।
मलंगवा नगरपालिका–७, मुसैली के वार्ड अध्यक्ष इसा मिकरानी ने कई बार संबंधित निकायों का ध्यानाकर्षण किया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘अब विकल्प आंदोलन और अनशन ही बचा है।’ इसके अलावा, पूर्वाधार विकास कार्यालय के अनुसार निर्माण कंपनी के साथ हुए समझौते में समय सीमा बार-बार बढ़ाई गई है। स्थानीय लोग सरकारी संस्थान और निर्माण कंपनी दोनों के प्रति असंतोष प्रकट कर रहे हैं।
