
फीफा विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को गोल्डन बूट पुरस्कार दिया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 1982 से शुरू हुआ। वर्ष 2022 के विश्व कप में किलियन एम्बाप्पे ने 8 गोल कर यह पुरस्कार जीता था और अब तक कोई खिलाड़ी इसे दोबारा जीतने में सफल नहीं हुआ है। 7 ज्येष्ठ, काठमांडू। फीफा विश्व कप 2026 नजदीक आ रहा है, ऐसे में विश्व कप की ट्रॉफी कौन जीतेगा और कौन सा खिलाड़ी सबसे ज्यादा गोल करेगा, इस पर चर्चा बढ़ रही है।
विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को ‘गोल्डन बूट’ पुरस्कार दिया जाता है। यदि समान गोल करने वाले एक से अधिक खिलाड़ी हों, तो कम खेलने वाले खिलाड़ी को यह पुरस्कार मिलता है। दूसरे स्थान पर आने वाले खिलाड़ी को सिल्वर बॉल और तीसरे स्थान पर आने वाले को ब्रॉन्ज बॉल दिया जाता है। फीफा विश्व कप 1930 से शुरू हुआ, लेकिन गोल्डन बूट पुरस्कार 1982 के स्पेन में हुए 12वें संस्करण से जारी है।
1982 में पहला गोल्डन बूट पुरस्कार इटली के पाओलो रोसी ने जीता था। उन्होंने उस विश्व कप में सर्वाधिक 6 गोल किए थे। तब से हर संस्करण में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को यह पुरस्कार दिया जाता है। 1982 से यह पुरस्कार एडिडास गोल्डन शू के नाम से जाना जाता है। अंतिम बार 2022 में कतर में हुए विश्व कप में फ्रांस के फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे ने 8 गोल कर गोल्डन बूट पुरस्कार जीता था। इस वर्ष का विश्व कप 11 जून से संयुक्त रूप से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में होगा, और गोल्डन बूट पुरस्कार किसे मिलेगा, यह 19 जुलाई तक ज्ञात होगा।
गोल्डन बूट पुरस्कार विजेता खिलाड़ी:
1982 पाओलो रोसी (इटली) – 6 गोल
1986 गैरी लाइनकर (इंग्लैंड) – 6 गोल
1990 साल्वाडोर सिलाची (इटली) – 6 गोल
1994 ओलेग सालेंको (रूस) – 6 गोल
1998 डेवोर सुकर (क्रोएशिया) और हristo स्टोइचकोव (बुल्गारिया) – 6 गोल
2002 रोनाल्डो (ब्राजील) – 8 गोल
2006 मिरोस्लाव क्लोज़े (जर्मनी) – 5 गोल
2010 थॉमस मुलर (जर्मनी) – 5 गोल
2014 जेम्स रोड्रीग्ज़ (कोलंबिया) – 6 गोल
2018 हैरी केन (इंग्लैंड) – 6 गोल
दूसरे संस्करणों के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी:
1930 गुइलेर्मो स्टैबिल (अर्जेंटिना) – 8 गोल
1934 ऑल्ड्रीच नेज़ेडली (चेकोस्लोवाकिया) – 5 गोल
1938 लियोनिडास (ब्राजील) – 7 गोल
1950 एडेमिर (ब्राजील) – 8 गोल
1954 सैंडोर कोज़िस (हंगरी) – 11 गोल
1958 जस्ट फोंटेने (फ्रांस) – 13 गोल
1962 प्लोरिन अल्बर्ट (हंगरी), वेलेंटिन इवानोव (रूस), गारिंचा और वावा (ब्राजील), ड्राजन येर्कोविच (युगोस्लाविया), लियोनेल सांचेज़ (चिली) – 4 गोल
1966 यूसबियो (पुर्तगाल) – 9 गोल
1970 गर्ड मुलर (पश्चिम जर्मनी) – 10 गोल
1974 ग्रेगोरज लाटो (पोलैंड) – 7 गोल
1978 मारियो केम्पस (अर्जेंटिना) – 6 गोल
