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सरकारी कर्मचारियों के वेतन वृद्धि की तैयारी, 35 हजार से 1 लाख 21 हजार तक वेतन की सिफारिश

आर्थिक वर्ष २०७९-०८० में निजामती कर्मचारी और शिक्षकों का वेतन 15 प्रतिशत से बढ़ाया गया था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में वेतन वृद्धि नहीं हो सकी। वेतन भत्ता पुनरावलोकन समिति ने कार्यालय सहयोगी का मासिक वेतन 35 हजार और मुख्य सचिव का वेतन 1 लाख 21 हजार रुपये निर्धारित करने की सिफारिश की है। सरकार आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन कर वेतन वृद्धि का निर्णय लेगी वहीं निजामती कर्मचारी संगठन ने आधारभूत वेतन 38,862 रुपये करने की मांग की है।

8 जेठ, काठमांडू। आर्थिक वर्ष २०७९-०८० के बजट वक्तव्य में अर्थमंत्री जनार्दन शर्माले निजामती कर्मचारी और शिक्षकों के वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की थी। हालांकि, आर्थिक वर्ष २०८०/०८१, २०८१/०८२ और २०८२/०८३ में वेतन वृद्धि नहीं की गई। निजामती सेवा अधिनियम के अनुसार वेतन भत्ता पुनरावलोकन समिति प्रत्येक तीन वर्ष में राजस्व वृद्धि दर, कुल दरबंदी संख्या और पिछले तीन वर्षों की मूल्य सूची के आधार पर महंगाई भत्ता पुनरावलोकन करती है।

पुनरावलोकन समिति की सिफारिश के अनुसार वेतन वृद्धि होने पर सबसे निचले स्तर के कर्मचारियों का वेतन लगभग 27 प्रतिशत और मुख्य सचिव का वेतन 56.71 प्रतिशत बढ़ेगा। सामान्य प्रशासन मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, समिति ने वेतन वृद्धि के लिए सिफारिश कर दी है, लेकिन वृद्धि की दर का निर्णय सरकार आर्थिक स्थिति के अनुसार करेगी।

निजामती कर्मचारी संगठन ने आधारभूत वेतनमान 38,862 रुपये करने की मांग रखी है। कर्मचारियों ने सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, आवास और व्यावसायिक सुरक्षा सहित अन्य सुविधाओं की मांग भी की है। सरकार ने कर्मचारियों के वेतन, भत्ता और सुविधाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय वेतन सुविधा आयोग गठित किया था, जिसके आधार पर समिति ने वेतन वृद्धि की सिफारिश की है।