
१० जेठ, रोल्पा। रोल्पा के नागरिकों ने पहली बार जिले में ही फिल्म देखने का मौका पाया है। ८ जेठ से देशव्यापी तौर पर प्रदर्शित हो रही फिल्म ‘मितज्यू’ रोल्पा में प्रदर्शन होने वाली पहली फिल्म बनी है। यह फिल्म जिले का सदरमुकाम लिबाङ में दिखाई गई। रोल्पा में अब तक कोई स्थायी सिनेमा हॉल नहीं है। लेकिन सन स्टार युवा क्लब के समन्वय में शुक्रवार से लिबाङ में पहली बार अस्थायी सिनेमा हॉल तैयार कर फिल्म का प्रदर्शन किया गया है। रोल्पा नगरपालिका-४, टुडिखेल स्थित जिला समन्वय समिति के हॉल में ‘मितज्यू’ का प्रदर्शन हुआ। सन स्टार युवा क्लब के सचिव तेकेन्द्र सेन ने बताया कि यह रोल्पा में पहली बार फिल्म प्रदर्शन है।
‘हमने रोल्पा में पहली बार प्रोजेक्ट के तहत फिल्म ‘मितज्यू’ का प्रदर्शन किया है,’ सचिव सेन ने कहा, ‘रोल्पा में मितज्यू की प्रदर्शन अवधि २२ जेठ तक निर्धारित है और दर्शकों की मांग बढ़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है।’ रोल्पा में फिल्म प्रदर्शन के लिए समय भी निर्धारित किया गया है। सुबह ८ बजे से ११ बजे तक, दोपहर १२ बजे से ३ बजे तक तथा शाम ४ बजे से ७ बजे तक दर्शकों के लिए समय रखा गया है। फिल्म के पहले और दूसरे दिन दर्शकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। जिले में पहली बार फिल्म प्रदर्शन होने के कारण देखने आने वालों की संख्या अच्छी रही।
पहले रोल्पा के नागरिक फिल्म देखने के लिए दाङ के घोराही, तुल्सिपुर, बुटवल और नेपालगंज जाना पड़ता था। ‘मितज्यू’ की दस दिन की शूटिंग दाङ में और बीस दिन की शूटिंग रोल्पा के सुलीचौर, सातदोबाटो और जेलबाङ में की गई थी। निर्माता जनक घर्तीमगर की यह दूसरी परियोजना है। इससे पहले उन्होंने ‘घरज्वाई’ बनाई थी। उसी फिल्म में निर्देशक सहकार्य करने वाले अनिल बुढामगर ने ‘मितज्यू’ का निर्देशन किया है। यह फिल्म ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले जीप चालक की कहानी पर आधारित है। शांति प्रक्रिया के बाद रोल्पा की जनजीवन समेत विभिन्न सामाजिक विषयों को फिल्म में दर्शाया गया है। फिल्म का लगभग ७५ प्रतिशत हिस्सा रोल्पा के क्षेत्र में जबकि २५ प्रतिशत हिस्सा दाङ के इलाके में फिल्माया गया है। इसी वजह से रोल्पा के नागरिकों में अपनी स्थानीय भूमि में बनी इस फिल्म को अवश्य देखना चाहिए, ऐसी समझ बनी हुई है।
