
इलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप ‘एक्सएआई’ ने खरबों डॉलर के एआई बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने का दावा किया है। इस आधार पर मस्क की कंपनियों का बाजार मूल्यांकन अत्यंत उच्च रखा गया है। लेकिन, एक्सएआई का ‘ग्रोक’ चैटबोट अमेरिकी सरकारी क्षेत्र में पूरी तरह से असफल रहा है। यह तथ्य रॉयटर्स ने सरकारी दस्तावेजों और अधिकारियों से बातचीत के आधार पर उजागर किया है।
सरकारी आंकड़े क्या दिखाते हैं? 2025 के सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अमेरिकी संघीय एजेंसियों में एआई के 400 से अधिक उपयोग के मामले हैं। इनमें से केवल तीन स्थानों पर ही ग्रोक एआई का उपयोग पाया गया है। इसके विपरीत, 234 कार्यों में ओपनएआई के चैटजीपीटी और माइक्रोसॉफ्ट को-पायलट का प्रयोग किया गया है। इसी तरह 33 कार्यों में गूगल का जेमिनी और 26 कार्यों में एन्थ्रोपिक का ‘क्लोड’ इस्तेमाल हुआ है। एक्सएआई ने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों को आकर्षित करने के लिए ग्रोक का शुल्क प्रति एजेंसी केवल 42 सेंट रखा था, जो लगभग नि:शुल्क माना जा सकता है।
तकनीकी कंपनियाँ शुरूआत में ग्राहकों को अपने उत्पाद से परिचित कराने के लिए ऐसी रणनीतियाँ अपनाती हैं। लेकिन इतनी कम कीमत पर भी सरकारी कर्मचारी ग्रोक को पसंद नहीं करते। इस आंकड़े ने एक्सएआई के महत्वाकांक्षी व्यावसायिक मूल्यांकन पर प्रश्न उठाया है। मस्क ने बड़े कंपनियों और संस्थाओं के लिए एआई बनाकर खरबों डॉलर कमाने का दावा किया था, परंतु सरकारी क्षेत्र में इसकी मांग न होने से उनकी योजना अटक गई है।
विश्लेषकों के अनुसार सरकारी मान्यता न मिलने पर निजी कंपनियां भी ग्रोक के प्रति संदेहशील होंगी। यह ग्रोक की सुरक्षा और गुणवत्ता में कमी का संकेत हो सकता है। मस्क ने सरकारी क्षेत्र में ग्रोक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए बड़ी लॉबीिंग की थी। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ मिलकर पूरे देश में एआई लागू करने की घोषणा की थी। मस्क की डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियंसी (डोज) ने भी ग्रोक के इस्तेमाल के लिए दबाव डाला। लेकिन डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने अनुमति न देने के कारण ग्रोक के उपयोग से इंकार कर दिया। पेंटागन और अन्य मंत्रालयों ने भी ग्रोक को केवल परीक्षण स्तर पर रखा है और वर्तमान में ऊर्जा मंत्रालय एवं चुनाव सहायता आयोग ही इसका प्रयोग कर रहे हैं।
इन मंत्रालयों में ग्रोक का उपयोग सामान्य पत्र लेखन या सामाजिक मीडिया पोस्ट के लिए किया जाता है। अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ एक्सएआई का 200 मिलियन डॉलर का अनुबंध है, लेकिन वहाँ के कर्मचारी ग्रोक की बजाय अन्य प्रतिस्पर्धी एआई टूल्स को प्राथमिकता देते हैं। पेंटागन के अनुसंधान विभाग में इंजीनियरिंग विश्लेषण के लिए गूगल जेमिनी और कोडिंग के लिए क्लोड एआई का उपयोग होता है। वहां के तकनीशियन ग्रोक को बाजार का श्रेष्ठ मॉडल नहीं मानते। इसी क्रम में हाल ही में ग्रोक ने वेटरंस अफेयर्स मंत्रालय का एक अनुबंध भी खो दिया है, क्योंकि यह तकनीकी मानकों को पूरा नहीं कर पाया। व्यावसायिक बाजार में भी ग्रोक न केवल सरकारी क्षेत्र बल्कि निजी बाजार में भी पिछड़ रहा है।
एक तकनीकी अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार कॉर्पोरेट क्षेत्र में ग्रोक का उपयोग लगातार घट रहा है। पहले हजार उपयोगकर्ताओं में पांच लोग ग्रोक का इस्तेमाल करते थे, अब यह संख्या घटकर दो तक सीमित है। साथ ही ग्रोक उपयोगकर्ता चैटजीपीटी उपयोगकर्ताओं की तुलना में आधा भी समय इस एप में व्यतीत नहीं करते। यह स्पष्ट संदेश देता है कि ग्रोक एआई अमेरिकी कॉर्पोरेट और सरकारी बाजार की मुख्यधारा में सफलतापूर्वक प्रवेश नहीं कर पाया है। एआई बाजार में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई बहुत आगे हैं, जबकि एक्सएआई पीछे है।
