गेडागुडी और भटमास के सेवन से उच्च रक्तचाप का खतरा 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है

गेडागुडी और भटमास से बने खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने में अत्यंत प्रभावकारी होने का नया अध्ययन सामने आया है। ‘बीएमजे न्यूट्रिशन प्रिवेंशन एंड हेल्थ’ जर्नल में प्रकाशित इस विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इन खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने वालों में उच्च रक्तचाप होने की संभावना उल्लेखनीय रूप से कम होती है। विश्वभर के विभिन्न अध्ययनों के विश्लेषण से वैज्ञानिकों ने यह स्पष्ट निष्कर्ष निकाला है।
अधिक गेडागुडी खाने वालों में उच्च रक्तचाप का जोखिम 16 प्रतिशत तक घटा पाया गया है। इसी तरह, भटमास और उससे बने व्यंजन अधिक सेवन करने वालों में यह जोखिम 19 प्रतिशत तक कम दिखा है। अध्ययन के अनुसार, रोजाना निश्चित मात्रा में इन खाद्य पदार्थों का सेवन करने पर सबसे अधिक लाभ प्राप्त होता है। लगभग 170 ग्राम गेडागुडी के दैनिक सेवन से उच्च रक्तचाप के खतरे में लगभग 30 प्रतिशत तक कमी देखी गई है।
इसी प्रकार, रोजाना 60 से 80 ग्राम भटमासजन्य खाद्य पदार्थों के सेवन से जोखिम 28 से 29 प्रतिशत तक घट जाता है। हालांकि, भटमास की मात्रा इसके अधिक लेने पर अतिरिक्त लाभ नहीं पाया गया, यह वैज्ञानिकों ने बताया है। यहां 100 ग्राम गेडागुडी या भटमास का मतलब पकाया हुआ एक कप या 5 से 6 चम्मच के बराबर मात्रा है।
इस अध्ययन में अमेरिका, यूरोप और एशिया के विभिन्न देशों में लंबे समय तक किए गए 12 अनुसंधानों के आंकड़ों को समाहित किया गया था। गेडागुडी और भटमास में पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो रक्तचाप को संतुलित करने में मदद करते हैं। वर्तमान में विश्वभर, विशेष रूप से यूरोप और ब्रिटेन में लोग गेडागुडी का कम सेवन करते हैं। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार यह अध्ययन लोगों को दैनिक आहार में प्रोटीन के मुख्य स्रोत के रूप में गेडागुडी और भटमास को प्राथमिकता देने का मजबूत आधार प्रदान करता है।
