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सिरहा के सामुदायिक वन क्षेत्र में बिना अनुमति बालू-गिट्टी का अनियंत्रित उत्खनन (तस्वीरें)

समाचार सारांश

सम्पादकीय समीक्षा के बाद तैयार।

  • सिरहा के गोलबजार स्थित त्रिनेत्र सामुदायिक वन क्षेत्र में बिना अनुमति बालू-गिट्टी का उत्खनन और भंडारण कर स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।
  • गोलबजार नगर पालिका ने गागान नदी से उत्खनन के लिए तिरुपति कन्ट्रक्शन को ठेका दिया था, लेकिन कंपनी द्वारा सामुदायिक वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन का आरोप लगा है।
  • डिवीजन वन कार्यालय लहान के वन अधिकारी बेचन शर्मा ने कहा है कि बिना अनुमति सामग्री रखने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

१४ जेठ, सिरहा। सिरहा के गोलबजार नगरपालिका-१ स्थित त्रिनेत्र सामुदायिक वन क्षेत्र में बिना अनुमति बालू-गिट्टी का अवैध उत्खनन और भंडारण किए जाने के कारण स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। वन उपभोक्ता समिति की अनुमति न होने के बावजूद ठेकेदार कंपनी द्वारा वन क्षेत्र में गिट्टी जमा करने पर स्थानीय लोगों ने इसके उठाने पर रोक लगा दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गोलबजार नगर पालिका ने वार्ड नं. १ और २ से बहने वाली गागान नदी से बालू-गिट्टी निकालने का ठेका धनगढीमाई नगरपालिका के तिरुपति कन्ट्रक्शन को लगभग ७१ लाख रुपये में दिया था। कंपनी ने नदी से सामग्री निकालने के लिए अनुमति ली थी, लेकिन सामुदायिक वन क्षेत्र में चोरी-छुपे उत्खनन और भंडारण करने का आरोप लगाया गया है।

स्थानीय महेन्द्र पूर्वेका ने बताया कि वन उपभोक्ता समिति ने बार-बार वन क्षेत्र में सामग्री न रखने का आग्रह किया था, लेकिन ठेकेदार पक्ष ने अनसुना कर दिया। उन्होंने कहा, ‘समिति के पदाधिकारियों ने कई बार समझाया, लेकिन न मानने पर गांव वालों ने ही रोक लगाई।’

स्थानीय सजन पूर्वेका के मुताबिक, वन समिति को जानकारी दिए बिना बड़े पैमाने पर बालू-गिट्टी संचित की गई है। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद वहां खड़ी ट्रैक्टर और ट्रकों को जल्द ही हटा लिया गया।

अनियंत्रित उत्खनन की वजह से वन क्षेत्र की झाड़ी-फूली और चरागाह प्रभावित हुई है, यह बात स्थानीय लोगों ने सामने रखी है। उन्होंने कहा, ‘पहले तो थोड़ा ही होगा सोचा था, लेकिन उत्खनन इतना हुआ कि वन नष्ट होने लगा और गिट्टी इतनी जमा हो गई कि वन ढक गया।’

डिवीजन वन कार्यालय लहान के वन अधिकारी बेचन शर्मा ने बताया कि वन क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी सामग्री का भंडारण नहीं किया जा सकता। सामुदायिक वन समिति से अनुमति न मिलने की जानकारी मिलने पर वे इस संदर्भ में जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

हालांकि स्थानीय लोगों ने सोमवार को दिन भर बालू-गिट्टी के भंडारण और परिवहन के दौरान वन कार्यालय और संबंधित विभाग की कोई सक्रियता नहीं देखी है। अनियंत्रित उत्खनन जारी रहने तथा जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर स्थानीय लोगों ने मिलीभगत होने की आशंका जताई है। बार-बार सूचित करने के बावजूद जनप्रतिनिधि और कर्मचारी बेपरवाह रहे, यह आरोप भी उन पर है।

सिरहा के धनगढ़ीमाई, कर्जन्हा, गोलबजार, नरहा सहित अन्य इलाकों में भी अवैध उत्खनन हो रहा है, स्थानीय लोगों ने यह बताया है। कुछ नगरपालिकाएं और ग्रामीण पंचायतें अनुमति देती हैं, लेकिन वे मापदंडों के अनुसार उत्खनन नहीं करातीं। इस मुद्दे पर संबंधित विभागों को लगातार सूचित करने वाले व्यापारी भी नजरअंदाज किए जा रहे हैं, स्थानीय लोगों का कहना है।