
१५ जेठ, सिरहा। सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के लिए बजट प्रस्तुत किया है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने शुक्रवार को संघीय संसद की संयुक्त बैठक में यह बजट सार्वजनिक किया। बजट में मधेश प्रदेश के पूर्वाधार, स्वास्थ्य, खेलकूद, कृषि, पर्यटन और पेयजल क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। मंत्री वाग्ले के अनुसार मधेश के जिलों में रेल, रंगशाला, अस्पताल, सिंचाई तथा पर्यटन विकास की योजनाओं को उच्च प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने बर्दिबास–काठमांडू तेजमार्ग से जुड़ी रेल मार्ग का विस्तार करने का काम आगे बढ़ाने की घोषणा की है। निर्माणाधीन बर्दिबास–विराटनगर रेल मार्ग के लिए बजट सुनिश्चित किया गया है, जबकि जनकपुर–जयनगर–बर्दिबास रेल मार्ग के बाकी कार्यों को पूरा करने के लिए भी आवश्यक बजट आवंटित किया गया है।
खेलकूद पूर्वाधार के लिए सरकार ने ४ अरब ३ करोड़ रुपैयाँ का बजट आवंटित किया है। मधेश प्रदेश में प्रस्तावित ११वीं राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता को लक्षित करते हुए आवश्यक पूर्वाधार का निर्माण किया जाएगा। आगामी तीन वर्षों के अंदर कम से कम ८ हजार दर्शक क्षमता वाले १० फुटबॉल रंगशालाओं को फ्लड लाइट के साथ उन्नत किया जाएगा। इसके अलावा, विराटनगर, लहान, काठमांडू, पोखरा, सुर्खेत और धनगढी में कम से कम २ हजार दर्शकों वाली इनडोर मल्टीपर्पज स्टेडियम बनाए जाएंगे। प्रमुख ८ शहरों में पांच वर्षों के भीतर आधुनिक क्रिकेट रंगशालाओं की स्थापना का लक्ष्य भी बजट में शामिल है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मधेश प्रदेश के नारायणी अस्पताल, गजेन्द्रनारायण सिंह अस्पताल और रामराजाप्रसाद सिंह स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के पूर्वाधार विकास कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। मधेश प्रदेश में मिर्गौला रोग उपचार केंद्र और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना सरकार ने बताई है। साथ ही सरकारी अस्पतालों में बालबालिकाओं के कैंसर उपचार को नि:शुल्क करने की घोषणा की गई है। कृषि क्षेत्र में सिरहा–सप्तरी के आम तथा सर्लाही के गोलमटोल टमाटर प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने का योजना है। तराई–मधेश के ३,९८० हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में सतही सिंचाई न होने के कारण भूमिगत सिंचाई का विस्तार करने के लिए १ अरब ८३ करोड़ रुपैयाँ का बजट आवंटित किया गया है।
तराई–मधेश के जलचक्र को स्थायी बनाने के लिए जल स्रोत संरक्षण, तालाब निर्माण, भूस्खलन नियंत्रण और किनारा सुरक्षा निर्माण के कार्यक्रमों के लिए लगभग १ अरब रुपैयाँ का बजट रखा गया है। पेयजल क्षेत्र में सूखे के दौरान होने वाली चरम कमी को दूर करने हेतु सामुदायिक स्तर पर डिप बोअरिंग सहित पेयजल योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। “आर्सेनिक मुक्त तराई अभियान” भी संचालित करने की योजना है। अधूरे पड़े २८० पेयजल योजनाओं को पूरा करने के लिए २ अरब ५० करोड़ रुपैयाँ का बजट आवंटित किया गया है। पर्यटन और सांस्कृतिक क्षेत्रों में जनकपुरधाम को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जनकपुर को ‘विवाह गंतव्य’ के रूप में विकसित कर ब्रांडिंग करने का भी सरकार का योजना में स्थान है। रामजानकी मार्ग और रामजानकी परिक्रमा सड़क के स्तरीकरण के लिए भी बजट आवंटित किया गया है, इस बात की जानकारी मंत्री वाग्ले ने दी। साथ ही सप्तरी के सखड़ा, धनुषाधाम और गढ़ीमाई क्षेत्रों को क्षेत्रीय कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, यह बजट में उल्लेखित है। मधेश के दलित और विपन्न बस्तियों तक नमूना होमस्टे संचालित करने की योजना भी समाहित है।





