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लक्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों के दाम बढ़ेंगे

सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों के कस्टम और स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क में वृद्धि करने का निर्णय लिया है, जिसके कारण लक्जरी वाहनों के दाम बढ़ने वाले हैं। नए नियम के अनुसार, 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य के इलेक्ट्रिक वाहनों पर अतिरिक्त 110 प्रतिशत तक स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लगाया जाएगा। इससे पहले केवल मोटर क्षमता के आधार पर कस्टम लगते थे, लेकिन अब व्यावसायिक मूल्य के आधार पर कर निर्धारण किया जाएगा।

15 जेठ, काठमांडू। आगामी वित्तीय वर्ष से लक्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों के दाम बढ़ेंगे। सरकार द्वारा मूल्य के आधार पर कस्टम और स्वच्छ अवसंरचना योगदान शुल्क बढ़ाए जाने से वाहनों के दामों में वृद्धि होगी। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों पर मूल्य अनुसार 20 प्रतिशत कस्टम और 110 प्रतिशत तक स्वच्छ अवसंरचना योगदान शुल्क निर्धारित किया गया है।

अब तक इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटर क्षमता के आधार पर कस्टम लगते थे। सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन आयात के समय कस्टम में निर्धारित कारोबार मूल्य 20 लाख रुपये तक के वाहनों पर मात्र 2.5 प्रतिशत स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लागू होता था। इसके अलावा, 30 लाख रुपये से अधिक और 40 लाख रुपये तक के मोटर वाहनों पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लगेगा।

कारोबार मूल्य 40 से 50 लाख रुपये तक के वाहनों पर अतिरिक्त 70 प्रतिशत स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लागू किया जाएगा। कारोबार मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक के वाहनों पर अतिरिक्त 110 प्रतिशत स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लगाया जाएगा। कस्टम राजस्व निर्धारण के दौरान निर्धारित मूल्य पर कस्टम राजस्व जोड़ा जाएगा, और उस पर स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क भी लगेगा, सरकार ने बताया।